Omkar Mani Tripathi
                   

क्या आपका नाम भाग्यशाली है ?

अंकशास्त्र में जितना महत्व मूलांक और भाग्यांक का है,उतना ही महत्व नामांक का भी है.नाम के अक्षरों का योग नामांक कहलाता है। मूलांक और भाग्यांक का ज्ञान तो लगभग सभी को होता है,लेकिन नामांक की गणना करना बेहद जटिल कार्य है। नामांक को सौभाग्य अंक भी कहा जाता है। किसी भी जातक की जन्मतिथि का योग मूलांक होता है, जैसे 4 ,22,31 तारीखों को जन्मे जातकों का मूलांक 4 कहलाएगा।  जन्म की तिथि, माह व वर्ष का योग भाग्यांक होता है, जैसे 31 अक्टूबर माह 1949 का भाग्यांक  3+ 1+1+0 +1+9+4+9 =28=10 =1होगा।अंकशास्त्र की मान्यताओ के अनुसार नाम अगर मूलांक और भाग्यांक  के अनुकूल नहीं होता, तो व्यक्ति को जीवन में कई तरह की असुविधाओ का सामना करना पड़ता है.आइये हम जानते हैं कि नामांक की गणना कैसे की जाती है? 

A I J Q Y = 1
B K R = 2
C G L S = 3
D M T = 4
E H N X = 5
U V W = 6
O Z = 7
F P = 8
 कीरो पद्दति के मुताबिक अंग्रेजी  के अक्षरों को दिये गये इन अंकों के आधार पर ही नामांक की गणना की जाती  है.खास बात यह है कि किसी भी अक्षर को 9 अंक नहीं दिया गया है. आप भी इन ऊपर दिये गये अंकों से अपना नामांक निकाल सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि किसी का नाम mohan है,तो उसका नामांक 22 यानि 2+2=4 होगा.अब mohan की जन्मतिथि यदि 4,13,22 या 31 हो,तो उसे जीवन में ज्यादातर सफलताही मिलेगी,किन्तु यदि नामांक,मूलांक और भाग्यांक में सामंजस्य नहीं है,तो जीवन में अनेक तरह की कठिनाइयाँ आ सकती हैं.हम अपनी जन्मतिथि नहीं बदल सकते,इसलिए जन्मांक और मूलांक नहीं बदले जा सकते.यदि नामांक,मूलांक और भाग्यांक में सामंजस्य न हो ,तो हम सिर्फ इतना ही कर सकते हैं कि नाम की स्पेलिंग में थोडा फेरबदल करके नामांक को जन्मांक और मूलांक के अनुकूल बना सकते हैं.कई फ़िल्मी सितारों और राजनीतिज्ञों ने यह प्रयोग आजमाया भी है.फिर देर किस बात की.

आप भी अपने नामांक को अपने मूलांक और भाग्यांक से मिलाकर देखिये और यदि इनमे सही तालमेल न हो ,तो नाम में थोडा फेरबदल करके तालमेल बिठा लीजिये.

ओमकार मणि त्रिपाठी 
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