स्वास्थ्य जगत : डायबिटीस :थोड़ी सी सावधानी

डायबिटीज जिसे   मधुमेह   भी   कहा जाता   है एक गंभीर बीमारी है आम भाषा में इसे धीमी मौत (साइलेंट किलर ) भी कहा जाता है l स...







डायबिटीज जिसे  मधुमेह  भी  कहा जाता  है एक गंभीर बीमारी है आम भाषा में इसे धीमी मौत (साइलेंट किलर ) भी कहा जाता हैlसंसार भर में मधुमेह रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है विशेष रूप से भारत में l इस  बीमारी में रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य से अधिक बढ़ जाता है  तथा रक्त की कोशिकाएं इस शर्करा को उपयोग  नहीं कर पाती  l यदि यह ग्लूकोज  का बढ़ा हुआ लेवल खून में लगातार बना रहे तो शरीके अंग प्रत्यंगों को नुकसान  पहुँचाना शुरू कर देता  है
डायबिटीस के प्रकार :-
टाइप। (इंसुलिन आश्रित मधुमेह)
टाइप। मधुमेह में अग्नाशय इंसुलिन नामक हार्मोन नहीं बना पाता जिससे ग्लूकोज शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा नहीं दे पाता। इस टाइप में रोगी को रक्त में ग्लूकोज का स्तर सामान्य रखने के लिए नियमित रूप से इंसुलिन के इंजेक्शन लेने पड़ते हैं। इसे ज्यूविनाइल ऑनसैट . डायबिटीजके नाम से भी जाना जाता है। यह रोग प्रायः बच्चों व् किशोरों  में पाया जाता है। इस रोग में ऑटोइम्यूनिटी के कारण रोगी का वजन कम हो जाता है।
टाइप-।। (इंसुलिन अनाश्रित मधुमेह)
लगभग 90% मधुमेह रोगी टाइप-।। डायबिटीज के ही रोगी हैं। इस रोग में अग्नाशय इंसुलिन बनाता तो है परंतु इंसुलिन कम मात्रा में बनती है, अपना असर खो देती है या फिर अग्नाशय से ठीक समय पर छूट नहीं पाती जिससे रक्त में ग्लूकोज का स्तर अनियंत्रित हो जाता है। इस प्रकार के मधुमेह में जेनेटिक कारण भी महत्वपूर्ण हैं। कई परिवारों में यह रोग पीढ़ी दर पीढ़ी पाया जाता है। यह वयस्कों तथा मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों में धीरे-धीरे अपनी जड़े जमा लेता है।
अधिकतर रोगी अपना वजन घटा कर, नियमित आहार पर ध्यान देकर तथा औषधि लेकर इस रोग पर काबू पा लेते हैं।
आज हम यहाँ टाइप टू डायबिटीस के बारे में जानेगे ..............
 रक्त शर्करा  का स्तर और डायबिटीस
हमारे भोजन में कार्बोहाइड्रेट एक प्रमुख तत्त्व है, यही कैलोरी व ऊर्जा का स्रोत है। वास्तव में शरीर के 60 से 70% कैलोरी इन्हीं से प्राप्त होती है। कार्बोहाइड्रेट पाचन तंत्र में पहुंचते ही ग्लूकोज के छोटे-छोटे कणों में बदल कर रक्त प्रवाह में मिल जाते हैं इसलिए भोजन लेने के आधे घंटे भीतर ही रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है तथा दो घंटे में अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाता है।
दूसरी ओर शरीर तथा मस्तिष्क की सभी कोशिकाएं इस ग्लूकोज का उपयोग करने लगती हैं। ग्लूकोज छोटी रक्त नलिकाओं द्वारा प्रत्येक कोशिका में प्रवेश करता है, वहां इससे ऊर्जा प्राप्त की जाती है। यह प्रक्रिया दो से तीन घंटे के भीतर रक्त में ग्लूकोज के स्तर को घटा देती है। अगले भोजन के बाद यह स्तर पुनः बढ़ने लगता है। सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में भोजन से पूर्व रक्त में ग्लूकोज का स्तर 70 से 100 मि.ग्रा./डे.ली. रहता है। भोजन के पश्चात यह स्तर 120-140 मि.ग्रा./डे.ली. हो जाता है तथा धीरे-धीरे कम होता चला जाता है।
मधुमेह में इंसुलिन की कमी के कारण कोशिकाएं ग्लूकोज का उपयोग नहीं कर पातीं क्योंकि इंसुलिन के अभाव में ग्लूकोज कोशिकाओं में प्रवेश ही नहीं कर पाता। इंसुलिन एक द्वार रक्षक की तरह ग्लूकोज को कोशिकाओं में प्रवेश करवाता है ताकि ऊर्जा उत्पन्न हो सके। यदि ऐसा न हो सके तो शरीर की कोशिकाओं के साथ-साथ अन्य अंगों को भी रक्त में ग्लूकोज के बढ़ते स्तर के कारण हानि होती है। यदि स्थिति उस प्यासे की तरह है जो अपने पास पानी होने पर भी उसे चारों ओर ढूंढ़ रहा है।
इन द्वार रक्षकों (इंसुलिन) की संख्या में कमी के कारण रक्त में ग्लूकोज का स्तर बढ़ कर 140 मि.ग्रा./डे.ली. से भी अधिक हो जाए तो व्यक्ति मधुमेह का रोगी माना जाता है। असावधान रोगियों में यह स्तर बढ़ कर 500 मि.ग्रा./ड़े.ली. तक भी जा सकता है।


डायबिटीज के कारण
                 खान पान एवं लाइफ स्टाइल की गलत आदतें जैसे मधुर एवं भारी भोजन का अधिक सेवन करना,चाय, दूध  आदि में  चीनी का ज्यादा सेवन,कोल्ड ड्रिंक्स एवं अन्य सॉफ्ट ड्रिंक्स अधिक पीना,शारीरिक  परिश्रम ना करना,मोटापा,तनाव,धूम्रपान,तम्बाकू,आनुवंशिकता आदि डायबिटीज के प्रमुख कारण हैं  lमधुमेह आज महानगरों में ही नहीं बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी होने लगा है। मधुमेह जैसी बीमारियां सही जीवनशैली और अच्छा खान-पान ना होने के कारण हो सकती है। मधुमेह और तनाव का गहरा संबंध है। तनाव के कारण मधुमेह पीडि़त कई अन्य बीमारियों का भी शिकार हो सकता है। मधुमेह आमतौर पर गर्भवती महिलाओं और बड़ी उम्र के लोगों में हुआ करता है। लेकिन मधुमेह प्रकार 1 बच्चों में खासतौर पर पनपता दिखाई दे रहा  है। तनाव के कारण मधुमेह पीडि़त व्यक्ति में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है।



डायबिटीस  के लक्षण
·         रोगी का मुँह खुश्क रहना तथा अत्यधिक प्यास लगना।
·         भूख अधिक लगना।
·         अधिक भोजन करने पर भी दुर्बल होते जाना।
·         बिना कारण रोगी का भार कम होना, शरीर में थकावट के साथ-साथ मानसिक चिन्तन एवं एकाग्रता में कमी होना।
·         मूत्र बार-बार एवं अधिक मात्रा में होना तथा मूत्र त्यागने के स्थान पर मूत्र की मिठास के कारण चीटियाँ लगना।
·         शरीर में व्रण अथवा फोड़ा होने पर उसका घाव जल्दी न भरना।
·         शरीर पर फोड़े-फुँसियाँ बार-बर निकलना।
·         शरीर में निरन्तर खुजली रहना एवं दूरस्थ अंगों का सुन्न पड़ना।
·         नेत्र की ज्योति बिना किसी कारण के कम होना।
·         पुरुषत्वशक्ति में क्षीणता होना।
·         स्त्रियों में मासिक स्राव में विकृति अथवा उसका बन्द होना।

डायबिटीज रोग के अन्य दुष्परिणाम
यदि मधुमेह  रोग का समय पर पता ना चले या पता चलने पर भी खान पान तथा जीवन शैली में लगातार लापरवाही  की जाये और समुचित चिकित्सा ना की जाये तो  खून में सामान्य से अधिक बढ़ा हुआ शुगर का लेवल शरीर के अनेक  अंगों जैसे गुर्दे ,ह्रदय,धमनियां , आँखें , त्वचा तथा  नाड़ी  तंत्र को नुकसान  पहुँचाना शुरू  कर   देता  है और जब तक रोगी संभलता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती  है l


डायबिटीस के रोगी का भोजन :-


                मधुमेह के रोगी का आहार केवल पेट भरने के लिए ही नहीं होता, उसके शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा को संतुलित रखने में सहायक होता है। चूंकि यह रोग मनुष्य के साथ जीवन भर रहता है इसलिए जरूरी है कि वह अपने खानपान पर हमेशा ध्यान रखे। आमतौर मरीज ब्लडशुगर की नार्मल रिपोर्ट आते ही लापरवाह हो जाता है। मधुमेह के मरीज के मुंह में गया हर कौर उसके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसलिए जो भी खाएं सोच समझकर खाएं। इसलिए सदैव यही प्रयत्न करना चाहिए कि ब्लड ग्लूकोज लेवल फास्टिंग 70-110 मिलीग्राम/ डीएल व खाना खाने के 2 घंटे बाद का 100-140 मिलीग्राम डीएल बना रहे। डायबिटिक व्यक्ति को अपने वजन व लंबाई के अनुसार प्रस्तावित कैलोरीज से 5 प्रश कम कैलोरी का सेवन करना चाहिए। 

उदाहरण के तौर पर यदि किसी व्यक्ति की लंबाई 5 फुट 4 इंच है तो उसका आदर्श वजन 55 किग्रा होना चाहिए। व्यक्ति की क्रियाशीलता यदि कम है, जैसे कि वह बैठे-बैठे कार्य करता है तो उसे 2400 कैलोरी लेना चाहिए। डायबिटिक हो तो इसका 5 प्रश कम अर्थात 2280 कैलोरी आहार उसके लिए सही रहेगा। 
यदि वह मोटा हो तो उसे 200-300 कैलोरी और घटा देना चाहिए। ब्लड ग्लूकोज लेवल फास्टिंग 70-110 मिलीग्राम/ डीएल व खाना खाने के 2 घंटे बाद का 100-140 मिलीग्राम डीएल बना रहे। इसके लिए इन्हें खान-पान का विशेष ध्यान रखना चाहिए। 45 मिनट से 1 घंटा तीव्र गति से पैदल चलना या अन्य कोई भी व्यायाम करना चाहिए।

सामान्य डायबिटिक व्यक्ति को अपने आहार में कुल कैलोरी का 40 प्रश कार्बोहाइड्रेटयुक्त पदार्थों से, 40 प्रश फेट (वसा) युक्त पदार्थों से व 20 प्रश प्रोटीनयुक्त पदार्थों से लेना चाहिए। एक वयस्क अधिक वजनी डायबिटिक व्यक्ति को 60 प्रश कार्बोहाइड्रेट से, 20 प्रश फेट से व 20 प्रश प्रोटीन से कैलोरी लेना चाहिए।


डायबिटिक व्यक्ति बचे हाइपोग्लाईसीमिया  से
 इंसुलिन ले रहे डायबिटिक व्यक्ति एवं गोलियाँ ले रहे डायबिटिक व्यक्ति को खाना सही समय पर लेना चाहिए। 

ऐसा न करने पर हायपोग्लाइसीमिया हो सकता है, जिसके लक्षण निम्न हैं- (1) कमजोरी लगना, (2) अत्यधिक भूख लगना, (3) पसीना आना, (4) नजर से धुंधला या डबल दिखना, (5) हृदयगति तेज होना, (6) झटके आना एवं गंभीर स्थिति होने पर कोमा भी हो सकता है। 

इसलिए डायबिटिक व्यक्ति को हमेशा अपने साथ कोई मीठी चीज जैसे ग्लूकोज, शकर, चॉकलेट, मीठे बिस्किट में से कुछ रखना चाहिए एवं ऐसे लक्षण होने पर तुरंत इनका सेवन करना चाहिए। एक सामान्य डायबिटिक व्यक्ति को अपने आहार में निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए कि वे थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाते रहें। दो या ढाई घंटे में कुछ खाएं। एक समय पर बहुत सारा खाना न खाएं। 


डायबिटीस रोगी १० बातों का रखे धयांन  :-

१ )फाइबर युक्त आहार ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। अवशोषित फाइबर ब्लड में शुगर की अधिक मात्रा को अब्ज़ोर्ब कर लेता है और इन्सुलिन को नार्मल करके मधुमेह को नियंत्रित करता है।
२ )  अध्ययन बताते है की थोड़े-थोड़े अन्तराल में भोजन करने से पोषक तत्व ज्यादा अब्ज़ोर्ब होते है। और फैट शरीर में कम जमा होता है।जिसे इन्सुलिन नार्मल हो जाती है।
३  ) ट्रांस फैट शरीर में प्रोटीन को ग्रहण करने की छमता को कम करता है। जिसकी वजह से शरीर में इन्सुलिन की कमी हो जाती है। और हमारे शरीर में ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है।
४ ) कैफीन हृदय रोगों की संभावना को बढ़ाने के लिए जानी जाती है। लेकिन अगर इसका कम प्रयोग करे तो इससे हमारा ब्लड शुगर भी कंट्रोल होगा। क्योंकी कैफीन भूख को कम करने में भी मदद करती है। जिसकी वजह से अनचाहा फैट शरीर में जमा नहीं हो पाटा है।
५ ) लाल मांस में फोलिफेनोल्स पाया जाता है जो की ब्लड में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ा देता है। लाल मांस में जटिल प्रोटीन पाया जाता है, जो बहुत धीरे से पचता है इसलिए लाल मांस मेटाबोलिसिम को धीमा करता है जिसकी वजह से इंसुलिन के बहाव पर असर पढ़ता है।
६  ) अच्छे नेर्वेस के काम करने के लिए ऑक्सीटोसिन और सेरोटोनिन जिम्मेदार होते है। अड्रेनलन के शरीर में रेलिज़ होने बहुत अधिक तनाव में भी इंसुलिन के बहाव में फर्क नहीं पड़ता है। हाई ब्लड शुगर को नियंत्रित करने का सबसे शक्तिशाली तरीका है की आप स्ट्रेस से दूर रहे।
७ ) धुमेह को नियंत्रित रखने के लिए नमक कम खाए। नमक आसमाटिक बैलेंस को शरीर में बनाये रखता है। और अगर बैलेंस बिगड़ जाये तो ये हार्मोनल डिसऑर्डर पैदा करने लग जाता है।
८  ) ध्ययन बताते है की थोड़ी  देर सूरज में बैठने से आपको अच्छी मात्रा में विटामिन डी मिलता है जो आपके शरीर में प्राकृतिक इन्सुलिन बनाता है। अगर आपके शरीर में विटामिन डी की कमी हो जाती है तो इन्सुलिन का लेवल कम हो जायेगा। ये एक आसान उपाय है डायबिटीज को कण्ट्रोल रखने में। पर जरुरत से ज्यादा सूरज में रहने से आपको स्किन कैंसर भी हो सकता है।
९ )मधुमेह में प्रतिरक्षा प्रणाली यानी इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो जाता है जिसकी वजह से चोट जल्दी ठीक नहीं होती है। इस लिए चोट या घाव हो जाये तो उसका तुरंत इलाज करे
१० )
व्यायाम से रक्त शर्करा स्तर कम होता है तथा ग्लूकोज का उपयोग करने के लिए शारीरिक क्षमता पैदा होती है। प्रतिघंटा 6 कि.मी की गति से चलने पर 30 मिनट में 135 कैलोरी समाप्त होती है जबकि साइकिल चलाने से लगभग 200 कैलोरी समाप्त होती है



डायबिटीस कम करने के कुछ घरेलु उपाय :-

मेथी-
 मधुमेह के रोगियों के लिए मेथी बहुत फायदेमंद होता है। अगर आप रोज़ 50 ग्राम मेथी नियमित रुप से खाएगें तो निश्चित ही आपका ग्लूकोज़ लेवल नीचे चला जाएगा, और आपको मधुमेह से राहत मिलेगी

दालचीनी
दालचीनी के नाम से भी जाना जाने वाला यह पदार्थ इन्सुलिन की संवेदनशीलता को बढ़ाता है तथा रक्त में ग्लूकोज़ के स्तर को कम करता है। प्रतिदिन आधा टी स्पून दालचीनी का सेवन करने से इन्सुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है तथा वज़न नियंत्रित होता है, जिससे हृदय रोग की संभावना कम होती है। सलाह: ब्लड शुगर के स्तर को कम रखने के लिए एक महीने तक अपने प्रतिदिन के आहार में 1 ग्राम दालचीनी शामिल करें।

बिलबेरी (नीलाबदरी)
बिलबेरी (नीलाबदरी) पौधे की पत्तियां आयुर्वेद में कई सदियों से बिलबेरी की पत्तियों का उपयोग डाइबिटीज़ को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है। हाल ही में जर्नल ऑफ न्यूट्रीशियन में बताया गया कि बिलबेरी की पत्तियों में एंथोसियानइदीन उच्च मात्रा में पाया जाता है जो ग्लूकोज़ परिवहन और वसा के चयापचय में शामिल विभिन्न प्रोटीन की कार्यदक्षता को बढ़ाते हैं। इस अद्वितीय गुण के कारण बिलबेरी की पत्तियां रक्त शर्करा के स्तर को कम  करती हैं

अलसी के बीज
अलसी के बीज अलसी में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है जिसके कारण यह फैट और शुगर का उचित अवशोषण करने में सहायक होता है। अलसी के बीज डाइबिटीज़ के मरीज़ की भोजन के बाद की शुगर को लगभग 28 प्रतिशत तक कम कर देते हैं। सलाह: प्रतिदिन सुबह खाली पेट अलसी का चूर्ण गरम पानी के साथ लें।

तुलसी की पत्तियां
 तुलसी की पत्तियां एंटीऑक्सीडेंटस और आवश्यक तेल से समृद्ध होती है जो यूग्नोल, मिथाइल यूगेनोल और केरियोफिलीन का उत्पादन करते हैं। सामूहिक रूप से ये यौगिक पैंक्रियाटिक बीटा कोशिकाओं (वे कोशिकाएं जो इन्सुलिन का संग्रहण और स्त्राव करती हैं) को उचित तरीके से कार्य करने में तथा इन्सुलिन के प्रति संवेदनशील बनाने में सहायक होते हैं।

ड्रमस्टिक (अमलतास
 ड्रमस्टिक (अमलतास) की पत्तियां मुनगे के नाम से भी पहचाने जाने वाले इस पौधे की पत्तियां उर्जा बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं। डाइबिटीज़ के मामले में मुनगे की पत्तियां संतृप्ति को बढ़ाती हैं तथा भोजन के टूटने की प्रक्रिया को (पाचन प्रक्रिया) धीमा करती है और ब्लड शुगर के स्तर को कम करती है। सलाह: ड्रमस्टिक की कुछ पत्तियां लें। उन्हें धोकर उनका रस निकालें। एक चौथाई कप रस लें तथा ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रण में रखने के लिए प्रतिदिन सुबह खाली पेट इसे पीयें।

ग्रीन टी
रोजाना एक कप बिना शक्कर की हरी चाय पीने से ये शरीर की गंदगी साफ होती है। और इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपके ब्लड शुगर को भी नार्मल रहता है

सिरका
सिरका को अगर आप अपने खाने के साथ खाते है तो ये आपके ब्लड शुगर लेवल को कम रखने में मदद करता है
करेला-
 डायबिटीज में करेला काफी फायदेमंद होता है, करेले में कैरेटिन नामक रसायन होता है, इसलिए यह प्राकृतिक स्टेरॉयड के रुप में इस्तेमाल होता है, जिससे खून में शुगर लेवल नहीं बढ़ पाता। करेले के 100 मिली. रस में इतना ही पानी मिलाकर दिन में तीन बार लेने से लाभ होता है।
जामुन-
 जामुन का रस, पत्ती़ और बीज मधुमेह की बीमारी को जड़ से समाप्त कर सकता हैं। जामुन के सूखे बीजों को पाउडर बना कर एक चम्मच दिन में दो बार पानी या दूध के साथ लेने से राहत मिलती है।
   आमला-
 एक चम्मच आमले का रस करेले के रस में मिला कर रोज पीएं , यह मधुमेह की सबसे अच्छी दवा है।
  आम की पत्ती
15 ग्राम ताजे आम के पत्तों को 250 एमएल पानी में रात भर भिगो कर रख दें। इसके बाद सुबह इस पानी को छान कर पी लें। इसके अलावा सूखे आम के पत्तों को पीस कर पाउडर के रूप में खाने से भी मधुमेह में लाभ होता है।
  शहद- कार्बोहाइर्ड्रेट, कैलोरी और कई तरह के माइक्रो न्यू ट्रिएंट से भरपूर शहद मधुमेह के लिए लाभकारी है। शहद मधुमेह को कम करने में सहायता करता है।

मधुमेह नियंत्रण चूर्ण 
घटक : 
मेथी दाना-५० ग्राम ,करेला-५० ग्राम ,जामुन बिज-५० ग्राम ,गुडमार,-५० ग्राम विजयसार-५० ग्राम ,नीमपत्ता-५० ग्राम ,नीम- गिलोय-५०ग्राम,,अज्वायण-५०ग्राम,सौफ-२५ग्राम,चिरायता-२५ग्राम,आम्बा हल्दी,-२५ग्राम त्रिवंग भस्म-२५ग्रम ,बेलपत्र२५ग्रम ,कुटकी-२५ग्राम ,हल्दी-२५ग्रम ,,तुलसी-२५ग्राम ,गोखरू-२५,कालाजीरा-२५ ग्राम ,इंद्रजो,-५० ग्राम पुनर्नवा-२५ ग्राम , ममेजो(corallocarpus epigeus) (कड़वी नाही) २५ ग्राम 
इन सभी चीजों को अलग अलग कूट छान कर ३ बार छलनी से छान ले ,२०० से निचे मधुमेह वाले सुबह खालिपेट एवं रात्रि भोजन के दो घंटे बाद ,.२०० से ऊपर मधुमेह वाले दोपहर के खाने के आधा घंटा पहले भी ले मात्रा ६ ग्राम चूर्ण (१ छोटा चम्मच )
इंसुलिन लेने वाले रोगी खास ध्यान दे ,बेलपत्र ०९ ,तुलसी पत्र ०९,कालीमिर्च ०३ तीनों को १/२ कप पानी मिलाकर पिसले और जितनी बार इंसुलिन लेते हो उतनी बार तजा बनाकर सेवन करे ,अताधिक सुगर के मरीज ३-३-घंटे से इसको सेवन कर अनियंत्रित मधुमेह को नियंत्रण में ला सकते है |

डॉ अरविन्द देशमुख -इंदौर ( मध्य प्रदेश ) 




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“मतवाला” #NaturalSelfi 15 अगस्त २६ जनवरी अंजू शर्मा अंतर्राष्ट्रीय बिटिया दिवस अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस अकेलापन अक्षय तृतीया अखिल राज शाह अगला कदम अजय कुमार अजय कुमार श्रीवास्तव अजय कुमार श्रीवास्तव (दीपू) अजय चंद्रवंशी अटूट बंधन अटूट बंधन अंक -१० अनुक्रमाणिका अटूट बंधन कवर पेज अटूट बंधन विशिष्ट रत्न सम्मान अटूट बंधन सम्पादकीय अनामिका अनामिका चक्रवर्ती अनुपमा सरकार अन्तराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) अपर्णा साह अम्बरीष त्रिपाठी अरविन्द कुमार खेड़े अर्चना नायडु अर्चना बाजपेयी अर्जुन सिंह अर्थ डे अशोक कुमार अशोक के परुथी आत्महत्या आध्यात्मिक लेख आभा दुबे आयुष झा "आस्तीक " आलोक कुमार सातपुते आशा पाण्डेय ओझा आसाढ़ पूर्णिमा इंजी .आशा शर्मा इंदु सिंह इमोशनल ट्रिगर्स ई बुक ईद उत्पल शर्मा "पार्थ" उपासना सियाग उमा अग्रवाल उम्मीदें उषा अवस्थी एकता शारदा एम्पैथी ओमकार मणि त्रिपाठी ओशो औरत कंगना रानौत कंचन पाठक कंचन लता जायसवाल कबीर करवाचौथ कर्म कल्पना मिश्रा बाजपेयी कवि मनोज कुमार कविता बिंदल कहानी कहानी संग्रह कार्ल मार्क्स काव्य जगत काव्यजगत किरण आर्य किरण सिंह कुमार गौरव कुसुम पालीवाल कृष्ण कुमार यादव कैंसर ग़ज़ल गणेश चतुर्थी गहरा दुःख गाँधी जयंती गिरीश चन्द्र पाण्डेय गीता गुरु गुरु दक्षिणा गुरु पूर्णिमा गुस्सा चंद्रेश कुमार छतलानी चन्द्र प्रभा सूद चन्द्र मौली पाण्डेय चीन चेतन भगत जन्माष्टमी जय कन्हैया लाल की जिनपिंग जी एस टी जैन ज्योतिष झगडे टफ टाइम टीचर टीचर्स डे डाॅ.भारती गाँधी डिम्पल गौड़ 'अनन्या ' डिम्पल गौड़ 'अनन्या' डॉ . आशुतोष शुक्ला डॉ .संगीता गाँधी डॉ अब्दुल कलाम डॉ अलका अग्रवाल डॉ जगदीश गाँधी डॉ भारती वर्मा बौड़ाई डॉ मधु त्रिवेदी डॉ रमा द्विवेदी डॉ लक्ष्मी बाजपेयी डॉ संगीता गांधी डॉ. भारती गांधी डॉ. भारती वर्मा बौड़ाई डॉ.जगदीश गाँधी डॉली अग्रवाल ढिंगली तीज तीन तलाक तृप्ति वर्मा त्यौहार दशहरा दीपावली स्पेशल दीपिका कुमारी दीप्ति दीपेन्द्र कपूर दुर्गा अष्टमी देवशयनी एकादशी देश -दुनिया देश भक्ति की कवितायें धर्म नंदा पाण्डेय नन्हा गुरु नवरात्र नवीन मणि त्रिपाठी नागेश्वरी राव नारी निधि जैन निबंध निशा कुलश्रेष्ठ नीलम गुप्ता नेहा अग्रवाल नेहा नाहटा नेहा बाजपेयी पंकज प्रखर पंखुरी सिन्हा पंडित दीनदयाल उपाध्याय परिचर्चा -१ परिचर्चा -१ कवितायेँ पर्व त्यौहार पारदर्शिता पार्थ शर्मा पूनम पाठक प्रतिभा पाण्डेय प्रदीप कुमार सिंह ‘पाल’ प्रिंसेस डायना प्रिया मिश्रा प्रेम कवितायेँ प्रेम रंजन अनिमेष प्रेरक कथाएँ प्रेरक प्रसंग प्रेरक विचार फादर्स डे फीलिंग लॉस्ट फुंसियाँ फेसबुक फॉरगिवनेस फ्रेंडशिप डे फ्रेडरिक नीत्से बहादुर शाह जफ़र बाल कहानी बाल जगत बाल दिवस बीनू भटनागर बुजुर्ग बेगम अख्तर ब्लू व्हेल ब्लॉगिंग भाई - बहन भाई बहन भाग्य भावना तिवारी भोले बाबा मई दिवस मदर्स डे मम्मी महात्मा गाँधी महान व्यक्तित्व महेंद्र सिंह माँ माँ उषा लाल माँ सरस्वती माता - पिता मानव शरीर माया मृग मित्रता मित्रता दिवस मित्रता दिवस पर विशेष लेख मीना कुमारी मीना पाठक मीना पाण्डेय मुंशी प्रेमचन्द्र . कहानी मुकेश कुमार ऋषि वर्मा मृत्यु मृदुल यकीन रंगनाथ द्विवेदी रक्षा बंधन रचना व्यास रजनी भारद्वाज रमा द्विवेदी रश्मि प्रभा रश्मि बंसल रश्मि सिन्हा राजा सिंह राधा कृष्ण "अमितेन्द्र " राधा क्षत्रिय राधा शर्मा रितु गुलाटी रिया स्पीक्स रिश्ते रिश्ते -नाते रूचि भल्ला रूपलाल बेदिया रेप रोचिका शर्मा लघु कथाएँ लता मंगेशकर लली लेख लेबर डे वंदना गुप्ता वंदना बाजपेयी वसंत पंचमी विजयारतनम विनीता शुक्ला विनोद खनगवाल विभा रानी श्रीवास्तव विशेष दिवस विश्व हास्य दिवस विश्वजीत 'सपन ' वीणा वत्सल वीरू सोनकर वैलेंटाइन डे व्यंग शरद पूर्णिमा शशि बंसल शशि श्रीवास्तव शांति पुरोहित शान्ति पाल शान्ति पुरोहित नोखा शायरी शिक्षक दिवस शिखा सिंह शिव शिवलिंग शिवा पुत्र शिवानी कोहली शिवानी जैन शर्मा श्राद्ध पक्ष श्रीमती एम डी त्रिपाठी संगम वर्मा संगीता पाण्डेय संगीता सिंह "भावना " संजना तिवारी संजय कुमार अविनाश संजय कुमार गिरि संजय वर्मा संजय वर्मा "दृष्टी " संजीत शुक्ला संध्या तिवारी संवेदनशीलता संस्मरण सकारात्मक चिंतन सक्सेस स्टोरीज सतीश राठी सत्या शर्मा 'कीर्ति ' सद्विचार सन्यास सपना मांगलिक सफलता समीक्षा सरबानी सेनगुप्ता सराह सरिता जैन सविता मिश्रा साक्षात्कार साधना सिंह सामाजिक लेख सावन का पहला सोमवार साहित्यिक लेख सीताराम गुप्ता सीमा सिंह सुधीर द्विवेदी सुनीता त्यागी सुमित्रा गुप्ता सुशांत सुप्रिय सुशील यादव सूर्य सूर्योदय सेल्फ केयर स्ट्रेस ईटिंग डिसऑर्डर स्त्री देह और बाजारवाद स्त्री विमर्श स्मिता दात्ये स्मिता शुक्ला स्वतंत्रता दिवस स्वामी विवेकानंद स्वास्थ्य जगत स्वेता मिश्रा हलचल आस -पास हलचल आसपास हामिद हास्य योग हिंदी दिवस हेडी लेमार होली की ठिठोली aforestation agla kadam astrology atoot bandhan atoot bandhan cover page atoot bandhan editorial cancer children issues children's day deepawali special E.book family&relatives father's day fb feeling lost friendship day general article GST guru health hindi divas hindi poetry hindi stories id immortal personalities interview janmashtami karvachauth literary articles memoirs mother's day motivational quotes motivational stories nanha guru positive thinking pragnency raksha bandhan rape religion riviews Riya speaks sarahah app satire short stories social articles spiritual articles stress eating sucesses sucesses stories swantantrta divas valentine day vandana bajpai women issues
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