मृत्यु पर 21 अनमोल विचार

मृत्यु , एक ऐसा शब्द जिसे सुनते ही भय उत्पन्न होता है | हालांकि सारे वेद  पुराण व् अन्य धर्मों के धर्म ग्रन्थ मृत्यु को इतना खौफनाक  नहीं मानते | उनके अनुसार मृत्यु जीवन का अंत नहीं अनंत यात्रा का एक पड़ाव भर है | वस्तुत : जिसने मृत्यु को जान लिया उसने जीवन जीने की कला सीख ली | आज इसी भयभीत करने वाली मृत्यु को जानने – समझने के लिए हम उन लोगों के विचार लाये हैं जो वैचारिक दृष्टि से इसकी गहराई में गए हैं |


पढ़िए मृत्यु पर 21 अनमोल विचार 


1 )मैं  मृत्यु   से क्यों   डरूं .?... जब तक मै  हूँ  मृत्यु  नहीं  है  और जब मृत्यु  है मैं  नहीं  हूँ | मैं    मृत्य  से क्यों  डरूं  उसका अस्तित्व तक नहीं   है , जब तक मेरा अस्तित्व   है|- ऐपिकुरस

                                                                                                     
२)दुनिया का सबसे बड़ा आश्चर्य ये है की हम रोज मृत्यु होते हुए देखते हैं फिर भी ऐसे व्यवहार करते हैं की जैसे  हमें अनंत काल का जीवन मिला हो |- युधिष्ठिर
                                                     

3) मृत्यु जीवन का विपरीत नहीं बल्कि इसका एक हिस्सा है |-हारुकी मुराकामी, ब्लाइंड विलो, स्लीपिंग वुमन


4 ) यदि तुम चाहते हो की लोग तुम्हारे मरते ही तुम्हें भूल न जाएँ | तो कुछ ऐसा लिखो जो पठनीय हो या कुछ ऐसा करो जो लिखने योग्य हो | -फ्रैंकलिन





भागवद गीता के अनुसार मृत्यु शरीर की होती है , आत्मा की नहीं |जिस तरह से हम पुराने कपडे उतार कर नए कपडे पहनते हैं | उसी तरह से आत्मा पुराने शरीर को त्याग कर नया शरीर धारण करती है |

5 ) हर कला की तरह , मृत्यु भी एक कला है |-सिल्विया प्लाथ, "लेडी लाजर"

6)प्रियजन की मृत्यु एक घाव देती है |जिसे कोई भर नहीं सकता है | पर उनका प्रेम बहुत सारी खूबसूरत स्मृतियाँ देता है | जिसे कोई चुरा नहीं सकता | -अनैस निन


7)जिंदगी मृत्यु से भी अधिक दर्द देती है |-अज्ञात




8 )हर व्यक्ति जिसका जन्म हुआ है वो मरता है परन्तु हर वो व्यक्ति जिसका जन्म हुआ है जी नहीं पाता है |

एलन सैक्स



9 )जब कैटरपिलर कहता है यह तो मृत्यु है ....ईश्वर कहते हैं नहीं ये तितली का जन्म हुआ है |-पाउलो कोलियो

मृत्यु ने जिंदगी से पूँछा," लोग तुमसे प्यार और मुझसे नफरत क्यों करते हैं ?" जिन्दगी ने उत्तर दिया ,"क्योंकि मैं एक खूबसूरत झूठ हूँ और तुम एक दर्दनाक सत्य हो |


10 )जीवन और मृत्यु एक ही हैं जैसे नदी और सागर |- खलील जिब्रान


11 )मृत्यु सबसे बड़ा नुक्सान नहीं है | सबसे बड़ा नुक्सान वो है जो हमारे अन्दर रोज मरता है , जब हम जी रहे होते हैं | -नोर्मन ब्रदर्स

12 )आप अपनी मौलिकता के साथ पैदा हुए थे | किसी की नक़ल के साथ मत मरिये |- जॉन मेसन


13 )कभी भी बहुत् देर नहीं होती | अगर आप को कल मरना है तो आज अपने विचारों के प्रति बिलकुल ईमानदार हो जाओ | और एक दिन के लिए ही सही , ऐसी जिंदगी जिओ जो आप हमेशा से जीना चाहते थे |
                                                                                                                              लामा येशे

14 )जीवित रहने का अर्थ  है बार - बार मरने की इच्छा रखना |-पेमा चोड्रोन
                                                                           

15 ) ऐसे जियो जैसे कल मरना है | और किसी भी चीज को सीखने के लिए ऐसे प्रयास करो जैसे कभी मरना ही न हो |-महात्मा गाँधी




मृत्यु को बाहर से नहीं जाना जा सकता | क्योंकि बाहर से तो केवल इसके लक्षण मिलते हैं | जैसे साँस थम गयी , ह्रदय गति रुक गयी आदि , जो हमें भयभीत कर देते हैं | परन्तु वास्तव में मृत्यु आत्मा का एक शरीर से दूसरे शरीर में जाना है |

16 )मैं नहीं चाहता की मैं जीवन के अंत पर पहुँच कर इसकी लम्बाई नापूँ , मैं इसकी चौड़ाई नापना चाहता हूँ |
डायने एकरमैन

17 )जो व्यक्ति यह जानता है कि जीवन क्या है | वो मृत्यु से घबराता नहीं | उसे सहज भाव से गले लगाता है |
ओशो

18 )मृत्यु वो सोने की चाभी है जो अमरत्व के भवन को खोल देती है |- मिल्टन


19 )मृत्यु भी धर्मनिष्ठ प्राणी की रक्षा करती है |-कौटिल्य


20 )मृत्यु थकावट के सदृश हैं परन्तु सच्चा आनंद तो अनंत की गोद में है |-रविन्द्र नाथ टैगोर

21 ) मृत्यु साथ ही चलती है , साथ ही बैठती है और साथ - साथ ही सुदूरवर्ती यात्रा पर जाती है |-वाल्मीकि



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atoot bandhan

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