हो
लाड़ली में
सामर्थ्य इतना
उड़े ऊँची उड़ान
अपने जिये सपनों के लिए
तो चलें
उसके साथ
बिना किसी शर्त के
ऊबड़-खाबड़,पथरीले
रास्तों पर भी
करे
अन्याय का
सामना स्वयं
दे दोषियों को सज़ा
बीच चौराहे पर
तो बनें
उसकी शक्ति
निर्विरोध समाज के सम्मुख
हो
शिक्षित स्वयं
जगाये
अलख शिक्षा की
अज्ञान के अंधेरे में
तो
दें शिक्षा
जो वह चाहे
करने दें
जो वह करना चाहे
न बनें
बाधक
पड़ोसियों,सम्बन्धियों
समाज के डर से
रखने दें
नई लीक
कल जिस पर
चल कर पीछे-पीछे
उसके विरोधियों को
अपना भविष्य गढ़ना है
तो भरें
सामर्थ्य
लाड़लियों में अपनी
बना सकें
सामर्थ्यवान हर जन को।

डा०भारती वर्मा बौड़ाई




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atoot bandhan

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