केवल 5 स्टेप में बने निगेटिव से पॉजिटिव

निगेटिव से पॉजिटिव बनने के लिए आपको चढ़ने हैं सिर्फ 5 स्टेप्स |

केवल 5 स्टेप में बने नेगेटिव से पॉजिटिव

यूँ तो जिंदगी नेगेटिव और पॉजिटिव परिस्थितयों का मिला जुला रूप है | फिर भी कुछ लोग हर परिस्थिति में पॉजिटिव रहते हैं और कुछ ज्यादातर में नेगेटिव | पॉजिटिव लोग हर बुराई में भी कुछ अच्छाई ढूंढ लेते हैं और नेगेटिव हर अच्छाई में कुछ बुराई | जाहिर हैं जो ज्यादा पॉजिटिव  रहेगा वो ज्यादा समय खुश व् उर्जा से भरा हुआ रहेगा | जिसके कारण अपने काम ज्यादा जोश व् ऊर्जा से कर पायेगा , परिणाम स्वरुप सफलता की ऊँचाइयों  को छुएगा | अब दुनिया में कौन है जो ज्यादा खुश  , ज्यादा स्वस्थ और ज्यादा सफल नहीं होना चाहता | फिर भी हम में से बहुत से लोग हैं जो अपनी परिस्थितियों को दोष देते रहते हैं | और कहते हैं हम प्रयास तो करते हैं पॉजिटिव रहने का पर क्या करें नेगेटिविटी मेरे जीवन का हिस्सा बन गयी है | पीछा ही नहीं छोडती |

ये लेख उन्हीं लोगों के लिए है जो ये सोंचते हैं कि वो निगेटिविटी के जाल में फंस गए हैं और निकल ही नहीं पा रहे हैं | यहाँ इस लेख के माध्यम से मैं आप को बताने जा रही हूँ कि नेगेटिव से पॉजिटिव  कैसे बनें वो भी सिर्फ 5 स्टेप में |  यानि ... 

सिर्फ 5 स्टेप्स चढ़ कर आप बन सकते हैं निगेटिव  से पॉजिटिव


                                         अब जैसे आप को किसी  ऊँचाई पर जाना होता है तो आप को सीढियाँ चढ़नी पड़ती हैं | उसी तरह नेगेटिव से पॉजिटिव बनने  के लिए आप को बस पाँच सीढियां चढ़नी पड़ेंगी |मित्रों ये एक बहुत ही रोमांचक यात्रा की शुरुआत होने जा रही है | तो आइये साथ – साथ चढ़े ये सीढियां ..

1)पॉजिटिव होने के लिए अपने आसपास के पांच लोगों को बदल दीजिये


आप अपने आस पास के पांच करीबी लोगों पर गौर करिए | वो लोग जिनके साथ आप सबसे ज्यादा समय बिताते हैं | वो कैसे हैं सकारात्मक या नकारात्मक | अगर वो हर बात पर खुश रहने वाले जोश और जूनून से भरे हैं तो आपके लिए ये प्लस पॉइंट हैं | लेकिन अगर वो बात - बात पर कहने वाले है नहीं मुझसे नहीं होगा , ये ठीक नहीं , वो ठीक नहीं तो आप के लिए भी खतरे की घंटी है | 
एक वैज्ञानिक तथ्य है की आप वैसे ही सोंचने लग जाते हैं जैसा आपके पांच सबसे करीबी व्यक्ति सोंचते हैं | अगर उनका दुनिया को देखने का नजरिया दुःख व् निराशा से भरा है तो आपका भी नज़रिय वैसा ही हो जाएगा |

अब मिताली का ही उदाहरण लें | मिताली डॉक्टर बनना चाहती थी | उसने अपनी पांच पक्की सहेलियों को भी कोचिंग के लिए कनविंस  किया | मिताली उनके साथ कोचिंग जाने लगी | मिताली ने शुरू में बहुत जोश से पढाई शुरू की | पर उसकी सहेलियों का डॉक्टर बनने  का कोई अरमान नहीं था | वो तो शौक में कोचिंग कर रही थी | जैसा की आजकल चलन है हर बच्चा कोई न कोई कोचिंग तो करता है |बात – बात पर वो मिताली से पढाई को बोरिंग कहती व् मेडिकल प्रोफेशन की १० बुराइयां गिनाती | अब मिताली को भी लगने लगा ,” हां वास्तव में डॉक्टर बनना कोई बहुत अच्छी बात नहीं है , वास्तव में लम्बे समय तक पढना आसान नहीं है .... वो नहीं कर पायेगी | ये नहीं कर पाएगी उसके दिमाग में इतना छा गया की वो डॉक्टर बनने  की क्षमता और प्रतिभा होते हुए भी मेडिकल की परीक्षा में फेल हो गयी | अगर आप सफल होना चाहते हैं आगे बढ़ना चाहते हैं तो ऐसे लोगों को अपने से दूर कर दीजिये जो आपके मन में नकारात्मकता का जहर घोलते हों | फिर पांच लोगों को करीबी दोस्त बनाइये जो आपकी ही तरह जोश जूनून व् कठोर परिश्रम करने वाले हों | फिर देखिये सफलता कैसे आपके कदम चूमेगी |

इसी तरह से बहुत से लोग रोज़ सुबह  नकारात्मक ख़बरों को पढ़ कर दुखी होते रहते हैं | उन्हें हर बात का दुःख होता है , देश के प्रधान मंत्री से लेकर घर की काम वाली तक सब से उन्हें शिकायत रहती है |अगर आप पॉजिटिविटी की पहली सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो उनसे दूरी बना लें क्योंकि हर जीतने वाले , खुश रहने वाले व् सफल होने वाले व्यक्तियों के सामने भी सैंकड़ों निगेटिव चीजे आती रहती हैं पर वो उनकी तरफ ध्यान ही नहीं देते या उनका संमाधन निकाल लेते हैं |

अगर खुदा न खास्ता आपके परिवार के लोग ही बहुत निगेटिव हैं तो आप उनकी निगेटिविटी से बचने के लिए घर के बाहर ज्यादा से ज्यादा ऐसे दोस्त बानाइये जो पॉजिटिव हो व् न सिर्फ घवालों की निगेटिविटी को काउंटर एक्ट करें बल्कि आपको पॉजिटिविटी  की और ले चलें |


                       तो अब आप समझ गए होने की निगेटिविटी से  पाजिटिविटी की और चलने के लिए आपको अपने करीब के पाँच लोगों का सर्किल बदलना होगा |और दोस्ती कीजे जान कर की पुरानिखाव्त पर चलना होगा | 


निगेटिव लोगों की बहस से बचें 

आम जिंदगी में अक्सर ऐसा होता है आप  बड़े ही खुश मन  से ऑफिस या कॉलेज गए | वहां दो लोग झगड़ रहे हैं | आपका  उनसे कोई मतलब नहीं है और आप  बेवजह पहुँच गए बहस में उलझने  |वो क्या है न बहस करने में हारमोंस थोडा बढ़ जाते हैं और ऐडवेंचर का मजा आता है | आपको थोडा मजा जरूर आया होगा पर असल में  हुआ क्या उनकी बहस तो शांत नहीं हुई सारी  निगेटिविटी हमने अपने ऊपर उड़ेल ली | आप उस परिस्थिति से बच सकते थे | लेकिन नहीं आ बैल मुझे मार की तर्ज पर पहुँच गए आग में घी डालने |

इससे बचने का आसन तरीका है फ़ालतू की बहस में न पड़ें | बहस का कभी अंत नहीं होता | क्योंकि बहस लोग अपने ईगो से जोड़ लेते हैं | 

अब मान लीजिये मोदी समर्थक व् विरोधी आपस में झगड़ रहे हैं और  आप पहुँच गए बीच में टांग अड़ाने | आप को दोनों की कुछ बात सही व् गलत लगती है | और आप खुले दिल से कह देते हैं | फिर क्या मोदी समर्थक आपको वामपंथी व् विरोधी आपको अंध भक्त  घोषित कर देते हैं | फिर क्या , आप सारी  निगेटिविटी सर पर ढोते  हुए घर वापस आते हैं | और वो निगेटिविटी घर में फैलाते हो | वैसे हमारे देश में लोगों को बेकार की बहस का बहुत शौक है | ये एक तरह का नेशनल गेम बन चुकी है पर अगर आप जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो आप को पाजिटिविटी की ये दूसरी स्टेप चढ़नी ही पड़ेगी और  इस निगेटिविटी से दूर रहना पड़ेगा |

पॉजिटिव रहना है तो दूसरे का नजरिया भी समझें



कई बार निगेटीवीटी इसलिए भी आती है क्योंकि ह्म दूसरे का नजरिया समझे बिना ही उसे गलत करार दे देते हैं |  उसे ऊल जलूल  कहते हैं और दुनिया भर की निगेटिविटी अपने अंदर  भर लेते हैं | एक बार की बात है हम लोग गाडी से इडिया गेट घूमने  जा रहे थे | पीछे वाली गाडी बार – बार हॉर्न  बजा रही थी | हमें बहुत गुस्सा आया की ये भी कोई तरीका है ... गाडी चलाने का,  हमने उसे साइड दे दी | वो तेजी से गाडी आगे बढाता हुआ आगे निकल गया | निकलते समय हमने उसे एक बुरा सा लुक दिया और इंडिया  गेट तक का बाकी का सफ़र उसे भला बुरा कहते हुए निकाला | भाग्य से हमने जहाँ अपनी गाड़ी  रोकी वहीँ उसकी गाडी खड़ी थी | मेरे हसबैंड से रहा न गया | उन्होंने उस गाडी वाले से तंज के स्वर में कहा ,” जब आपको इंडिया  गेट घूमने ही आना था तो इतनी जल्दी क्या थी आगे निकलने की | जवाब में वो सज्जन बोले ,” दरसल हम तो फॅमिली पिकनिक पर आये थे |मेरी और मेरे मित्र की फॅमिली आई थी  | घूम कर हम वापस जा रहे थे की देखा हमारा चार साल का छोटा बच्चा तो गाडी में चढ़ा  नहीं है | शायद वो चढ़ कर उतर गया  होगा | हमने तुरंत गाडी बैक की और जल्दी से जल्दी यहाँ आये | भगवान् का शुक्र है वो यहीं खड़ा रो रहा था | क्या पता हमें आने में देर होती तो वो कहीं और चला जाता |

उनकी बात सुन कर हमें लगा की हमने बेकार ही में गुस्सा किया और निगेटिविटी पाली | उनकी इतनी बड़ी जरूरत थी | ऐसे ही क्या हम अनेक बार बिना वजह दूसरे का नजरिया जाने बिना निगेटिविटी नहीं पाल लेते | अगर पॉजिटिव रहना है तो कम से कम बेनिफिट ऑफ़ डाउट देना तो सीखना ही पड़ेगा |

समझे क्या - क्या बातें आपकी जिंदगी में निगेटिविटी घोल रही हैं 

जरा अपने पर गौर करिए जब आप वाशिंग पाउडर लेने जाते हैं तो कोशिश ये रहती हैं की ऐसा वाशिंग पाउडर लें जिससे दाग अच्छे से धुले | खाने का सामान लेने जाते समय वो चुनते हैं जो पौष्टिक हो न कि जहरीला | जब आप कपडे खरीदते  हैं तो आप देखते हैं कि आप के कपड़ें अच्छे हो न किफाते - पुराने | यानी की जिंदगी का हर फैसला आप सोंच समझ कर लेते हैं | आप उसे चुनते हैं जो बेहतर हो | तो फिर निगेटिविटी में क्यों नहीं | यहाँ यह जरूरी है की आप थोडा सतर्क हो जाएँ और उन्चीजों को चुन - चुन कर अपनी जिंदगी से दूर कर दीजिये जो आपको नेगाटीविटी की और ले जाती हैं | 

1) जैसे sad songs, अगर आप को लगता है की सैड सोंग्स आप को निगेटिविटी में ले जाते हैं तो उन्हें सुनना बंद कर दीजिये |खासकर जब आप लो फील कार रहे हों | 
2 ) टी . वी . के ऐसे प्रोग्राम , किताबें वेबसाईट या यू ट्यूब चैनल को फॉलो करना छोड़ दीजिये जो आपको नकारात्मकता की ओर ले जाता है | 
3) कुछ लोगों को हैवी खाने के बाद नकारात्मकता घेरती है | तो बेहतर हैं आप हैवी या हाई कैलोरी वाला खाना अवॉयड करें या कम मात्रा में खाएं | 
4) अगर आप को लगता है की आप घर में अकेले होते हैं तो आप को नकारात्मकता घेरती हैं तो आप जब अकेले हो , टी वी चला ले , या लो वोल्यूम पर कोई म्यूजिक चला लें | 
5) फेसबुक , ट्विटर , इन्स्टा पर अपने उन मित्रों को ब्लॉक करें जो आपको बार - बार बहस में उलझाते हों या निगेटिव  बातें करते हों | 
                          ये तो एक सूची उदाहरण के तौर पर बनायी गयी है | आप अपनी सूची खुद बना सकते हैं | बस आपको ध्यान रखना है उन बातों का जो आपको निगेटिविटी की ओर धकेल रही हैं | 

रोज लें हिम्मत की डोज और बनें पॉजिटिव 

                        हम अपने शरीर को चलाने का कितना धयान रखते हैं | सही समय पर खाना , पानी फल दूध , व्यायाम सन कुछ समय पर करते हैं |  जब हम अपने शरीर को मजबूत बनाने का प्रयास कर रहे होते हैं तो रोज टॉनिक लेते हैं | क्योंकि हम जानते हैं स्वस्थ शरीर के लिए हर काम नियम से समय पर करना होता है | 

लेकिन जब मन की या दिमाग की या विचारों की बात आती है तो हम सोंचते हैं की अभी पिछले हफ्ते ही तो देखा था पॉजिटिव थिंकिंग का वीडियो , आभी पिछले महीने ही तोपधि थी ऐसी किताब , अभी पिछले .... विचारों का ख्याल रखने में क्यों हम रोज का नियम नहीं बनाते |


 मानसिक स्वास्थ्य के लिए पॉजिटिव थिंकिंग की डोज भी रोज जरूरी है | ये डोज हमें मजबूत बनाये रखती  है | आपने निक व्युजेसिक व् स्टीफन हॉकिंग आदि की न जाने कितनी कहानियाँ सुनी होंगी | जिन हालातों में इन्होने अपने जूनून को बनाये रखा | शायद मुझे आपको उसके 5 % से भी न गुजरना पड़ा हो | पर इस हद तक पॉजिटिव बनने  के लिए इन लोगों ने रोज हिम्मत की डोज ली | बस आपको भी रोज कुछ अच्छा , पढना , सुनना या करना है जिससे आप पॉजिटिव महसूस करें | 

                                 तो मित्रों ये हैं पांच स्टेप्स बहुत छोटे , छोटे | बस इनपर चढ़ते जाइए और फिर आप खुद में परिवर्तन महसूस करेंगे | आप महसूस करेंगे की आप बन गए हैं निगेटिव से पॉजिटिव | 

नीलम गुप्ता 

यह भी पढ़ें 
2018 में लें हार न मानने का संकल्प

अतीत से निकलने के लिए बदलें खुद को सुनाई जाने वाली कहानी

क्या आप भी दूसरों की पर्सनालिटी पर टैग लगाते हैं

स्वागत करिए प्रतियोगिता का

आपको  लेख "  स्वागत करिए  प्रतियोगिता का     " कैसा लगा  | अपनी राय अवश्य व्यक्त करें | हमारा फेसबुक पेज लाइक करें | अगर आपको "अटूट बंधन " की रचनाएँ पसंद आती हैं तो कृपया हमारा  फ्री इ मेल लैटर सबस्क्राइब कराये ताकि हम "अटूट बंधन"की लेटेस्ट  पोस्ट सीधे आपके इ मेल पर भेज सकें 

keywords: Success, positivity, negativity, hard work, positive thinking

COMMENTS

Name

15 अगस्त 26जनवरी agla kadam anger astrology atoot bandhan atoot bandhan cover page atoot bandhan editorial biography cancer children issues christmas clingy behaviour competition dating tips deepawali special E.book emotional management family and relationship issues father's day fb feeling lost friendship day general article GST guru happy new year health hindi divas hindi poetry hindi stories hindi story id immortal personalities inferiority complex interview janmashtami karm karvachauth law of karma literary articles love memoirs mental health mind set mother's day motivational quotes motivational stories nanha guru negative new peace pollution positive positive thinking power of words pragnency raksha bandhan rape religion riviews Riya speaks sarahah app satire self satisfaction senior citizen issues short stories social articles spiritual articles stress eating sucesses sucesses stories swantantrta divas tension to-do-list train valentine day vandana bajpai warren buffett women issues year resolution अकेलापन अक्षय तृतीया अखिल राज शाह अगला कदम अजय कुमार अजय कुमार श्रीवास्तव अजय कुमार श्रीवास्तव (दीपू) अजय चंद्रवंशी अंजू शर्मा अटूट बंधन अटूट बंधन अंक -१० अनुक्रमाणिका अटूट बंधन कवर पेज अटूट बंधन विशिष्ट रत्न सम्मान अटूट बंधन सम्पादकीय अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस अंतर्राष्ट्रीय बिटिया दिवस अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस अनन्य गौड़ अनामिका अनामिका चक्रवर्ती अनुपमा सरकार अनूप शुक्ला अन्तर करवड़े अन्तराष्ट्रीय वृद्ध जन दिवस अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) अपर्णा परवीन कुमार अपर्णा साह अम्बरीष त्रिपाठी अरविन्द कुमार खेड़े अर्चना नायडु अर्चना बाजपेयी अर्जुन सिंह अर्थ डे अविनीश त्रिपाठी अशोक कुमार अशोक के परुथी आत्महत्या आध्यात्मिक लेख आभा दुबे आयुष झा "आस्तीक " आराधना सिंह आलोक कुमार सातपुते आशा पाण्डेय ओझा आसाढ़ पूर्णिमा इंजी .आशा शर्मा इंतजार इंदु सिंह इमरान रिजवी इमोशनल ट्रिगर्स ई बुक ईद उत्पल शर्मा "पार्थ" उपवास उपासना सियाग उमा अग्रवाल उम्मीदें उषा अवस्थी एकता शारदा एम्पैथी ऐब्युसिव रिश्ते ओमकार मणि त्रिपाठी ओशो औरत कंगना रानौत कंचन पाठक कंचन लता जायसवाल कबीर कमलेश मिश्रा करवाचौथ कर्म कर्मका सिद्धांत कल्पना मिश्रा बाजपेयी कवि मनोज कुमार कविता बिंदल कहानियाँ कहानी कहानी संग्रह कार्ल मार्क्स काव्य जगत काव्यजगत किरण आर्य किरण सिंह किस्सा टाइम्स कु. शान्ति पाल ‘प्रीति’ कुमार गौरव कुसुम पालीवाल कृष्ण कुमार यादव कैंसर क्रिसमस क्षितिज संस्था ग़ज़ल गणतंत्र दिवस गणेश चतुर्थी गहरा दुःख गाँधी जयंती ग़ालिब गिरीश चन्द्र पाण्डेय गीता गीतांजलि एक्सप्रेस गुरु गुरु दक्षिणा गुरु पूर्णिमा गुस्सा चंद्रेश कुमार छतलानी चन्द्र प्रभा सूद चन्द्र मौली पाण्डेय चरित्रहीन चीन चेतन भगत चॉकलेट केक छठ छाया सिंह जन्माष्टमी जय कन्हैया लाल की जल जिनपिंग जी एस टी जीवनी जैन ज्योतिष झगडे टफ टाइम टीचर टीचर्स डे टेंशन ट्रेन ठुमरी समाज्ञ्री गिरजा देवी डाॅ.भारती गाँधी डिम्पल गौड़ 'अनन्या ' डिम्पल गौड़ 'अनन्या' डेजी नेहरा डेटिंग टिप्स डॉ . आशुतोष शुक्ला डॉ .जगदीश गाँधी डॉ .संगीता गाँधी डॉ अब्दुल कलाम डॉ अलका अग्रवाल डॉ जगदीश गाँधी डॉ भारती वर्मा बौड़ाई डॉ मधु त्रिवेदी डॉ रमा द्विवेदी डॉ लक्ष्मी बाजपेयी डॉ संगीता गांधी डॉ. भारती गांधी डॉ. भारती वर्मा बौड़ाई डॉ.जगदीश गाँधी डॉली अग्रवाल ढिंगली तरसेम कौर तीज तीन तलाक तृप्ति वर्मा तोहफा त्यौहार दशहरा दहेज़ प्रथा दीपक मित्तल दीपावली स्पेशल दीपिका कुमारी दीप्ति दीपेन्द्र कपूर दीप्ति दुबे दीप्ति निगम दुर्गा अष्टमी देवशयनी एकादशी देश -दुनिया धर्म नंदा पाण्डेय नन्हा गुरु नया साल नव वर्ष नवरात्र नवीन मणि त्रिपाठी नागेश्वरी राव नारी निधि जैन निबंध निशा कुलश्रेष्ठ नीता मेहरोत्रा नीलम गुप्ता नेहा अग्रवाल नेहा नाहटा नेहा बाजपेयी न्यू इयर रेसोल्युशन पंकज प्रखर पंखुरी सिन्हा पंडित दीनदयाल उपाध्याय पतंग परिचर्चा -१ परिचर्चा -१ कवितायेँ पर्यावरण पर्व त्यौहार पारदर्शिता पार्थ शर्मा पूनम डोंगरा पूनम पाठक प्रतिभा पाण्डेय प्रतियोगिता प्रथम पोस्ट प्रदीप कुमार सिंह ‘पाल’ प्रमिला श्री तिवारी प्रिया मिश्रा प्रिंसेस डायना प्रेम कवितायेँ प्रेम रंजन अनिमेष प्रेरक कथाएँ प्रेरक प्रसंग प्रेरक विचार फादर्स डे फीलिंग लॉस्ट फुंसियाँ फेसबुक फेसबुक की दोस्ती फॉरगिवनेस फ्रेडरिक नीत्से फ्रेंडशिप डे बच्चों से बातचीत बहादुर शाह जफ़र बहु बाइबल बाबु लाल बाबुल बाबू लाल बाल कहानी बाल जगत बाल दिवस बाल मनो विज्ञान बाल-मन बिल गेट्स बीनू भटनागर बुजुर्ग बेगम अख्तर बेटी ब्लू व्हेल ब्लैक डॉट ब्लॉगिंग भगवान् भाई - बहन भाई बहन भाग्य भावना तिवारी भोले बाबा मई दिवस मदर्स डे मनीषा जैन मम्मी महात्मा गाँधी महान व्यक्तित्व महाशिवरात्रि महेंद्र सिंह माँ माँ उषा लाल माँ सरस्वती माता - पिता माता -पिता मानव शरीर माया मृग मित्रता मित्रता दिवस मित्रता दिवस पर विशेष लेख मीना कुमारी मीना पाठक मीना पाण्डेय मुकेश कुमार ऋषि वर्मा मुंशी प्रेमचन्द्र . कहानी मृत्यु मृदुल मेंटल हेल्थ मैत्रेयी पुष्पा यकीन रक्षा बंधन रंगनाथ द्विवेदी रचना व्यास रजनी भारद्वाज रमा द्विवेदी रश्मि प्रभा रश्मि बंसल रश्मि रविजा रश्मि सिन्हा राजगोपाल सिंह वर्मा राजगोपाल सिंह वर्मा की कवितायें राजा सिंह राधा कृष्ण "अमितेन्द्र " राधा क्षत्रिय राधा शर्मा रितु गुलाटी रिया स्पीक्स रिश्ते रिश्ते -नाते रीता गुप्ता रूचि भल्ला रूपलाल बेदिया रेप रेल रोचिका शर्मा लघु कथा लघु कथाएँ लघुकथाएं लता मंगेशकर लप्रेक लली लेख लेबर डे वंदना वंदना गुप्ता वंदना दुबे वंदना बाजपेयी वसंत पंचमी विजयारतनम विनय कुमार सिंह विनीता शुक्ला विनोद खनगवाल विभा रानी श्रीवास्तव विशेष दिवस विश्व हास्य दिवस विश्वजीत 'सपन ' वीणा वत्सल वीरू सोनकर वृद्धजन विमर्श वैलेंटाइन डे वॉरेन बफे व्यंग शब्द शरद पूर्णिमा शशि बंसल शशि श्रीवास्तव शांति पुरोहित शान्ति पाल शान्ति पुरोहित नोखा शायरी शिक्षक दिवस शिखा सिंह शिव शिवलिंग शिवा पुत्र शिवानी शिवानी कोहली शिवानी जैन शर्मा श्राद्ध पक्ष श्रीमती एम डी त्रिपाठी सकारात्मक चिंतन सकारात्मक सोंच सक्सेस स्टोरीज संगम वर्मा संगीता पाण्डेय संगीता सिंह "भावना " संजना तिवारी संजय कुमार अविनाश संजय कुमार गिरि संजय वर्मा संजय वर्मा "दृष्टी " संजीत शुक्ला सतीश राठी सत्या शर्मा 'कीर्ति ' संदीप माहेश्वरी सद्विचार संध्या तिवारी सन्यास सपना मांगलिक सफलता सफाई समीक्षा सरबानी सेनगुप्ता सराह सरिता जैन सविता मिश्रा संवेदनशीलता संस्मरण साक्षात्कार साधना सिंह साधु सामाजिक लेख सावन का पहला सोमवार साहित्यिक लेख सीताराम गुप्ता सीमा असीम सीमा सिंह सुधीर द्विवेदी सुनीता त्यागी सुबोध मिश्रा सुमित्रा गुप्ता सुशांत सुप्रिय सुशील यादव सुहागरात सूफी रूमी सूर्य सूर्योदय सेंटा क्लॉज सेल्फ केयर सेल्फी सोनी पाण्डेय स्ट्रेस ईटिंग डिसऑर्डर स्त्री देह और बाजारवाद स्त्री लेखन स्त्री विमर्श स्मिता दात्ये स्मिता शुक्ला स्वतंत्रता दिवस स्वामी विवेकानंद स्वास्थ्य जगत स्वेता मिश्रा हरकीरत 'हीर' हलचल आस -पास हलचल आसपास हामिद हास्य योग हिंदी दिवस हीन भावना हेडी लेमार हेल्थ होली की ठिठोली
false
ltr
item
अटूट बंधन : जो अटूट बंधन में बांधे आपके रिश्तों को : केवल 5 स्टेप में बने निगेटिव से पॉजिटिव
केवल 5 स्टेप में बने निगेटिव से पॉजिटिव
निगेटिव से पॉजिटिव बनने के लिए आपको चढ़ने हैं सिर्फ 5 स्टेप्स |
https://4.bp.blogspot.com/-DSSzU8LRVKo/WkJUdtIhAFI/AAAAAAAAIcw/ojrbq_FO-wsvAxB1IIykdt-qHVlbm-VZwCLcBGAs/s320/steps-1081909_960_720.jpg
https://4.bp.blogspot.com/-DSSzU8LRVKo/WkJUdtIhAFI/AAAAAAAAIcw/ojrbq_FO-wsvAxB1IIykdt-qHVlbm-VZwCLcBGAs/s72-c/steps-1081909_960_720.jpg
अटूट बंधन : जो अटूट बंधन में बांधे आपके रिश्तों को
http://www.atootbandhann.com/2017/12/negativity-to-positivity-5-steps-hindi.html
http://www.atootbandhann.com/
http://www.atootbandhann.com/
http://www.atootbandhann.com/2017/12/negativity-to-positivity-5-steps-hindi.html
true
1089704805750007414
UTF-8
Not found any posts VIEW ALL Readmore Reply Cancel reply Delete By Home PAGES POSTS View All RECOMMENDED FOR YOU LABEL ARCHIVE SEARCH ALL POSTS Not found any post match with your request Back Home Sunday Monday Tuesday Wednesday Thursday Friday Saturday Sun Mon Tue Wed Thu Fri Sat January February March April May June July August September October November December Jan Feb Mar Apr May Jun Jul Aug Sep Oct Nov Dec just now 1 minute ago $$1$$ minutes ago 1 hour ago $$1$$ hours ago Yesterday $$1$$ days ago $$1$$ weeks ago more than 5 weeks ago Followers Follow THIS CONTENT IS PREMIUM Please share to unlock Copy All Code Select All Code All codes were copied to your clipboard Can not copy the codes / texts, please press [CTRL]+[C] (or CMD+C with Mac) to copy