रिश्ते , रोटी कपडा और मकान के बाद हमारी सबसे बड़ी जरूरत हैं | ये रिश्ते हमें भावनात्मक स्थिरता देते हैं |हम सब जन्म से ले कर मृत्यु तक ढेरों रिश्ते बनाते हैं | पर उनमें सच्चे रिश्ते कुछ ही होते हैं | जितनी जल्दी हम इन रिश्तों को पहचान लें हमारा जीवन उतना ही आसान हो जाता है | परन्तु हम अच्छे बुरे रिश्तों में उलझते ही रहते हैं |तकलीफ होती है |दरसल हम सब अपने रिश्ते को संभल कर रखना चाहते हैं | उन्हें खूबसूरत बनाना चाहते हैं |उस प्रयास में कभी सफल होते हैं कभी असफल |इन्हीं रिश्तों को संभलने,सहेजने आज हम आपके लिए ले कर आये हैं
रिश्तों पर 21 सर्वश्रेष्ठ विचार
1)रिश्तों का न होना उतनी तकलीफ नहीं देता है जितना उनके होते हुए अहसासों का मर जाना |
2 )लोग ये भूल जायेंगे की आपने उन्हें क्या कहा पर वो हमेशा ये याद रखेंगेकी आपने उन्हें कैसा महसूस कराया |
3)मुफ्त में सिर्फ माता – पिता का प्रेम ही मिलता है बाकी रिश्ते निभाने के लिए कीमत चुकानी पड़ती है |
4 )रिश्ते कांच की तरह होते हैं जिन्हें बहुत संभल कर रहने की जरूरत होती है |
5)हम अक्सर किसी की सलाह इस लिए नहीं मान पाते क्योंकि जिस व्यक्ति ने सलाह दी थी उसका कहने का अंदाज बहुत असहानभूति पूर्ण था |
6)लोग आप के साथ कैसा व्यवहार करते हैं ये उनके कर्म हैं | आप उस पर कैसे रियेक्ट करते हैं ये आपके कर्म हैं |
7)अगर आप किसी को प्यार करते हैं तो उसे स्वतंत्र छोड़ दें | अगर वो वापस आया तो वो आपका है , अगर नहीं आया तो वो कभी आपका था ही नहीं |
कुछ रिश्ते टूटे हुए कांच की तरह होते हैं जिन्हें जोड़ने की कोशिश में बार बार चोट पहुँचती है |
8)ये सच है की हर कोई आपको चोट देने के लिए बैठा है | इसलिए अपने रिश्तों में ध्यान से चुनिए जिनकी दी हुई चोट को बर्दाश्त करने लायक हो |
9)एक दिन हम सब एक दूसरे को ये सोंच कर खो देंगे की वो मुझे याद नहीं करता तो मैं क्यों करूँ |
10)अपने संबंधों को बारिश की तरह न बनाये की जो आई और गयी बल्कि हवा की तरह बनाये जो हमेशा साथ – साथ रहे |
11)जहाँ हर बार सफाई देनी पड़ जाए वो रिश्ते कभी गहरे नहीं होते |
12)रिश्तों की डोर तब कमजोर पड़ती है जब इंसान गलत फहमी में अपने सवालों के जवाब खुद ही बना लेता है |
13)ये सच है की अपनों के साथ वक्त का पता नहीं चलता पर ये भी सच है की अपनों का पता भी वक्त के साथ ही चलता है |
14)जो आपसे दिल से बात करता हो उसे दिमाग से कभी जवाब नहीं देना चाहिए |
मनुष्य को बोलने में तीन साल लगते हैं | लेकिन रिश्ते निभाना सीखने में साड़ी जिंदगी लग जाती है |
15)किसी रिश्ते को तोड़ने से पहले एक बार अपने आप से पूँछ लीजिये की आखिर अभी तक उसे निभा क्यों रहे थे |
16)ढूँढने पर वही रिश्ते वापस मिलेंगे जो खो गए थे | जो बदल गए थे वो कभी भी नहीं मिलेंगे |
17)हमेशा गलतियों से ही नहीं शक से भी रिश्ते खत्म हो जाते हैं |
18)पौधों की तरह होते हैं रिश्ते , लगा कर भूल जाओ तो दोनों सूख जाते हैं |
19)अगर दो लोगों की कभी लड़ाई न हो तो समझ लेना की रिश्ता मन से नहीं दिमाग से निभाया जा रहा है |
जब रिश्तों में बार – बार झूठ बोलना पड़े तो समझो रिश्तों में दरार आने वाली है |
२०)अच्छे रिश्तों का हमारे जीवन में होना हमारे भाग्य की बात है पर उन्हें संभल कर रखना हमारे हुनर की बात है |
21)जीवन में ढेर सारे रिश्ते जरूरी नहीं , जरूरी है की जो रिश्ते हैं उनमें जीवन हो |
टीम abc
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