प्रतियोगी परीक्षाएँ और कोचिंग इंडस्ट्री का कुटिल खेल- डॉ. निधि अग्रवाल

प्रतियोगी परीक्षाएँ और कोचिंग इंडस्ट्री का कुटिल खेल

  दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी मांगों के साथ आए छात्रों ने हर संवेदनशील मन को झकझोरा है। समस्या …

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6 कथाकार 6 कहानियाँ – बदलते समय की दस्तक 

6 कथाकार 6 कहानियाँ

आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने कहानी (विशेषकर हिंदी की प्रारंभिक कहानियों) को ‘लोक-जीवन और यथार्थ’ का दर्पण माना है। उनके अनुसार, …

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ब्रह्मवादिनी की प्रथम राष्ट्रीय संगोष्ठी में हुए विमर्श के मत्त्वपूर्ण सत्र

  “कीरति भनिति भूति भलि सोई। सुरसरि सम सब कहँ हित होई॥” तुलसीदास साहित्य वही है जिसमें सबका हित हो। …

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विशोका- समय को फलांग कर तथ्यों का आकलन करती वैचारिक कृति

vishoka

  रुद्रादित्य प्रकाशन से प्रकाशित सुपरिचित साहित्यकार वंदना गुप्ता जी का नया उपन्यास “विशोका” प्रथम द्रष्टया अपने नाम और कवर …

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पिघली हुई लड़की – मन पर गहरी छाप छोडती संवेदनशील कहानियाँ

पिघली हुई लड़की

    राजपाल प्रकाशन से प्रकाशित  आकांक्षा पारे का नये कहानी संग्रह  “पिघली हुई लड़की” की कहानियाँ कहीं  आम जनजीवन …

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दूर किसी अनागत में- काव्यात्मक भाषा में ठोस कहानियाँ

  वंदना गुप्ता जी कविता के क्षेत्र में जाना माना नाम हैं। “सरे बाजार कथा बाँचती स्त्रियाँ” से उन्होंने आलोचना …

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खरगांव का चौक- मृत्यु के हाहाकार से सहकारिता की किलकारी तक खेत, खलिहान, किसान

खरगांव का चौक

    “अन्नदाता” शब्द किसानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। अन्न जिससे हम सब …

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