रम्भा

आदरणीय दीपक शर्मा जी कथा बिम्बों को किसी उपमा के साथ सामंजस्य स्थापित करते हुए जब कहानी बुनती हैं तो …

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ढलवाँ लोहा

आज आपके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं सशक्त कथाकार दीपक शर्मा जी की कहानी “ढलवाँ लोहा “| ये कहानी 2006 …

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हकदारी

एक स्त्री पर हक़ जताते अपने ही लोग उसे कभी अपनी इच्छा से जीने का हक़ नहीं देते | अजीब …

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प्रेत-छाया

कहते हैं यदि किसी की अकाल मृत्यु हो , हत्या हो , या अस्वाभाविक मृत्यु हो उसकी आत्मा भटकती है …

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टाऊनहाल

दो वर्ष पहले की मेरी जनहित याचिका पर प्रदेश के उच्च न्यायालय ने आज अपना निर्णय सुना दिया है : …

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अरक्षित

अक्सर जब हम शोषित स्त्रियों की बात करते हैं तो हमारे जेहन में उन स्त्रियों का अक्स उभरता है जो …

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