वृक्ष की तटस्था
ईश्वर ने इंसान को भी बनाया और वृक्षों को भी | पर दोनों के स्वाभाव में कितना अंतर है | …
ईश्वर ने इंसान को भी बनाया और वृक्षों को भी | पर दोनों के स्वाभाव में कितना अंतर है | …
माँ मै तुम्हारे लिए दौडूंगा जीवन भर आप मेरे लिए दौड़ती रही कभी माँ ने यह नहीं दिखाया कि मै थकी हूँ माँ ने …
संजय वर्मा”दृष्टी” स्त्री की उत्पीड़न की आवाज टकराती पहाड़ो पर और आवाज लौट आती साँझ की तरह नव कोपले वसंत मूक बना …
शब्द मीठे /कडवे बनाओं तो बन जाते शस्त्र तीखे बाण /कानों को अप्रिय आदेश हौसला ,ढाढंस ऊर्जा बढ़ाते मौत को …