खुल के जिए जीवन की तीसरी पारी
आमतौर पर परिवार की धुरी बच्चे होते हैं | माता -पिता की दुनिया उनके जन्म लेने से उनका कैरियर /विवाह …
आमतौर पर परिवार की धुरी बच्चे होते हैं | माता -पिता की दुनिया उनके जन्म लेने से उनका कैरियर /विवाह …
पति द्वारा श्रापित अहिल्या वातभक्षा बन राम की प्रतीक्षा करती रहीं | और अंततः राम ने आकर उनका उद्धार किया …
जीवन में हम जो चाहते हैं वो हमेशा हमें नहीं मिलता | फिर भी हम अपेक्षाओं का लबादा ओढ़े आगे …
सागर से मिलने को आतुर नदी हरहराती हुई आगे बढ़ती जाती है, बीच में पड़ने वाले खेत खलिहान को समान …
रात को जब सब सो जाते हैं तो चाँदनी सबकी आँखों में चाँद पाने का ख्वाब परोस देती है | …
जब पचपन के घरघाट भयन, तब देखुआ आये बड़े – बड़े। हम सादी से इनकार कीन, सबका लौटारा खड़े – खड़े॥ कविता …
हिंदी कविता ने बहुधर्मिता की विसात पर हमेशा ही अपनी ज़मीन इख्तियार की है। इस बात की पुष्टि हर युग …
लैंड स्लाइड या भूस्खलन -ठोस चट्टान अथवा शैल यदि अचानक ढलान पर फिसल जायें तो उसको भू-स्खलन कहते हैं । …
“ राम तुम्हारा चरित स्वंय ही काव्य है, कोई कवि बन जाय सहज संभाव्य है।“ मैथिली शरण …
स्त्री का कोई घर नहीं होता | यहाँ तक की किसी कमरे में उसका एक कोन भी सुरक्षित नहीं होता …
जिंदगी क्या है ? पाप और पुण्य का लेखा -जोखा, चित्रगुप्त की वो डायरी जिसके अनुसार हमें स्वर्ग -नर्क या …
एक नन्हा मासूम सा बच्चा जेल के अंदर आया माँ को पुकार रहा था .. माँ को नहीं | …
रिश्ते भी कितने अजीब होते हैं | कभी अनजान अपने हो जाते हैं तो अपने अनजान |वरिष्ठ लेखिका आशा सिंह …