व्यस्त चौराहे
ये कहानी है एक व्यस्त चौराहे की, जो साक्षी बना दुख -दर्द से जूझती महिला का, जो साक्षी बना अवसाद …
ये कहानी है एक व्यस्त चौराहे की, जो साक्षी बना दुख -दर्द से जूझती महिला का, जो साक्षी बना अवसाद …
कल्पना मनोरमा जी एक शिक्षिका हैं और उनकी कविताओं की खास बात यह है कि वो आम जीवन की बात …