पिता को याद करते हुए -अपर्णा परवीन कुमार की कवितायें
बेटी का अपने पिता से बहुत मीठा सा रिश्ता होता है | पिता बेटियों से कितने सुख -दुःख साझा करते …
बेटी का अपने पिता से बहुत मीठा सा रिश्ता होता है | पिता बेटियों से कितने सुख -दुःख साझा करते …
वो गांव के बाहर की तरफ टीलों से होते हुए भैरों जी के स्थान पर धोक देने और नए जीवन के लिए …