पिता पुराने दरख़्त की तरह होते हैं-पिता पर महेश कुमार केशरी की 9 कविताएँ August 13, 2025September 20, 2022 by अटूट बंधन अगर माँ धरती है तो पिता आसमान, माँ घर है की नीव है तो पिता उसकी छत, माँ धड़कन है … Read more Share on Social Media