#Metoo से डरें नहीं साथ दें

3
55
#Metoo से डरें नहीं साथ दें
#Metoo के रूप में समय अंगडाई ले रहा है | किसी को ना बताना , चुप रहना , आँसू पी लेना इसी में तुम्हारी और परिवार की इज्ज़त है | इज्ज़त की परिभाषा के पीछे औरतों के कितने आँसूं  कितने दर्द छिपे हैं इसे औरतें ही जानती हैं | आजिज़ आ गयी हैं वो दूसरों के गुनाहों की सजा झेलते -झेलते ,इसी लिए उन्होंने तय कर लिया है कि दूसरों के गुनाहों की सजा वो खुद को नहीं देंगी | कम से कम इसका नाम उजागर करके उन्हें मानसिक सुकून तो मिलेगा | 

#Metoo से डरें नहीं साथ दें 

#Metoo के बारे में उसे नहीं पता हैं , उसे नहीं पता है कि इस बारे में सोशल मीडिया पर कोई अभियान चलाया जा रहा है , उसे ये भी नहीं पता है कि स्त्रियों के कुछ अधिकार भी होते हैं , फिर भी उसके पास एक दर्द भरा किस्सा है कि आज घरों में सफाई -बर्तन करने आते हुए एक लड़के ने साइकिल से आते हुए तेजी से उसकी छाती को दबा दिया , एक मानसिक और शारीरिक पीड़ा से वो भर उठी | वो जानती है ऐसा पहली बार नहीं हुआ है तब उसने रास्ता बदल लिया था , उसके पास यही समाधान है कि अब फिर वो रास्ता बदल लें | उसे ये भी नहीं पता वो कितनी बार रास्ता बदलेगी?वो जानती है वो काम पर नहीं जायेगी तो चूल्हा कैसे जलेगा , वो जानती है कि माँ को बाताएगी तो वो उसी पर इलज़ाम लगा देंगीं … काम पर फिर भी आना पड़ेगा | उसके पास अपनी सफाई का और इस घटना का कोई सबूत नहीं है … वो आँखों में आँसूं भर कर जब बताती है तो बस उसकी इतनी ही इच्छा होती है कि कोई उसे सुन ले | 
लेकिन बहुत सी महिलाएं घर के अंदर, घर के बाहर सालों -साल इससे कहीं ज्यादा दर्द से गुजरीं हैं पर वो उस समय साहस नहीं कर पायीं , मामला नौकरी का था , परिवार का था रिश्तों का था , उस समय समाज की सोच और संकीर्ण थी , चुप रह गयीं , दर्द सह गयीं | आज हिम्मत कर रहीं हैं तो उन्हें सुनिए , भले ही आज सेलेब्रिटीज ही हिम्मत कर रहीं हैं पर सोचिये जिनके पास पैसा , पावर , पोजीशन सब कुछ था , मंच था वो सालों -साल सहती रहीं तो सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि आम महिला कितना कुछ सहती रही होगी | आज ये हिम्मत कर रहीं हैं तो उम्मीद की जा सकती है शायद कल को वो भी बोले … कल को एक आम बहु बोले अपने ससुर के खिलाफ, एक बेटी बोले अपने पिता या भाई के खिलाफ …. समाज में ऐसा बहुत सा कलुष है जिसे हम कहानियों में पढ़ते हैं पर वो कहानियाँ जिन्दा पात्रों की ही होती हैं ना |
इस डर से कि कुछ मुट्ठी भर किस्से ऐसे भी होंगे जहाँ झूठे आरोप होंगे हम 98 % लोगों को अपनी पीड़ा के साथ तिल -तिल मरते तो नहीं देखना चाहेंगे ना | कितने क़ानून हैं , जिनका दुरप्रयोग हो रहा है , हम उसके खिलाफ आवाज़ उठा सकते हैं पर हम कानून विहीन निरंकुश समाज तो नहीं चाहते हैं | क्या पता कल को जब नाम जाहिर होने का भय व्याप्त हो जाए तो शोषित अपराध करने से पहले एक बार डरे |
इसलिए पूरे विश्वास और हमदर्दी के साथ उन्हें सुनिए ….जो आज अपने दर्द को कहने की हिम्मत कर पा रहे हैं
वो भले ही स्त्री हो , पुरुष हों , ट्रांस जेंडर हो या फिर एलियन ही क्यों न हो
उन्हें अपने दर्द को कहने की हिम्मत दीजिये |

एक पीड़ा मुक्त बेहतर समाज की सम्भावना के लिए हम इतना तो कर ही सकते हैं … हैं ना ?

वंदना बाजपेयी

यह भी पढ़ें …

#Metoo -सोशल मीडिया पर दिशा से भटकता अभियान 

आपको ” #Metoo से डरें नहीं साथ दें  कैसे लगी अपनी राय से हमें अवगत कराइए हमारा फेसबुक पेज लाइक करें अगर आपको अटूट बंधन  की रचनाएँ पसंद आती हैं तो कृपया हमारा  फ्री इ मेल लैटर सबस्क्राइब कराये ताकि हम अटूट बंधनकी लेटेस्ट  पोस्ट सीधे आपके इ मेल पर भेज सकें |
filed under-hindi article, women issues, #Metoo
SHARE
Previous articleरम्भा
Next articleमूल्य

3 COMMENTS

  1. बहुत सुंदर लेख लिखा आपने मैं आपसे पूर्णतः सहमत हूं
    अब डर कर नहीं डट कर सामना करना है उनके दर्द को समझ परिवार और समाज को भी उनका हौसला बढ़ाने के लिए आगे आना चाहिए तभी गलत करने वालों में डर पैदा होगा नाम उजागर होने का

  2. सही कहा वंदना दी कि एक पीड़ा मुक्त समाज की संभावना के लिए यह करना बहुत जरूरी हैं। विचारणीय आलेख।

  3. आदरणीया वंदना मैम अभिवादन,
    समय की माँग के अनुरूप आपके लेख में प्रतिनिधित्व की यह गूँज अनुकरणीय है। हरेक भाई/पिता/पारिवारिक सदस्य को इससे सीख लेनी चाहिए। प्रशंसनीय लेख…।
    जिन लोगों के पास तक मेरी बात पहुँच सकती है, उनके लिए एक बात कहना चाहूँगा, अपने परिवार पर पूरा भरोसा करें, छोटी से बड़ी हर बात एक दूसरे से साझा करने की कोशिश करें। हर कोई इंसान ही है, परिवार एक ऐसी इकाई है जो किसी भी अनहोनी के होने पर भी दृढ़तापूर्वक आपका साथ देगा, यह भरोसा रखें। किसी भी कारणवश दुराचार को छिपाए रखना, उसको बढ़ावा देने जैसा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here