जीत भी हार भी
परिमल सिन्हा यूँ ही टेलीविजन का रिमोट पकडकर बैठे थे. कहीं से भी मतलब का कार्यक्रम नहीं आ रहा था. …
परिमल सिन्हा यूँ ही टेलीविजन का रिमोट पकडकर बैठे थे. कहीं से भी मतलब का कार्यक्रम नहीं आ रहा था. …
“पुत्तर छेत्ती कर, वेख, चा ठंडी होंदी पई ए।” बीजी की तेज़ आवाज़ से उसकी तन्द्रा भंग हुई। रंग में …
आलोक जल्दी-जल्दी सीढ़ियाँ चढ़ता ,हाँफता प्लेटफार्म पर पहुँचा तो अभी पूरे पाँच मिनट बाक़ी थे……8:40 की ट्रेन थी और अभी …
(कहानी)अंतिम इच्छा मोहन लाल जी मृत्यु शैया पर थे! उनके परिवार के सदस्य भी उनकी आखरी साँसे गिन रहे थे! …
एक औरत की डायरी – बाबा का घर भरा रहे हेलो , कैसी हो बिटिया फोन पर बाबूजी के …
An emotional story on breast cancer प्रिया ने विदेश में रह रहे अपने पति …
नीलेश और दिया की शादी को १० साल हो गए हैं | उनके कोई संतान नहीं है | संतान के …
जेब में पड़ा आखिरी दस का नोट निकाल उसे बड़े गौर से निहार रहा था, ये सोचते हुए की अभी …
बदचलन ! इसी नाम से पुकारते थे उसे सब । मेरे पिताजी ने भी तो माँ को बताया था उसके …
विधि के नाम अभी -अभी एक मैगजीन आई थी, मेलबर्न से प्रकाशित। संपादक प्रसून गुप्ता , उसके एक अच्छे मित्र, …
घर की बालकनी की खिड़की खोली बाहर का दृश्य देख मुंह से निकल पड़ा – देखो चीकू के पापा कितना …
रधिया सुबह उठ, अपने घर मे, गुनगुनाते हुए, चाय का पानी रख चुकी थी।तभी उसकी बहन गायत्री ने उसे टोका, …
कई बार जिंदगी की कडवाहट इतनी अधिक होती है कि इंसान अपना संतुलन भी खो बैठता है और गलत निर्णय …
दीपावली पर मिट्टी के दिए जलाने की परंपरा है | भले ही आज बिजली की झालरों ने अपनी चकाचौंध से …