लघु कथाएँ
अटल रहे सुहाग : चौथी कड़ी : कहानी—” सरप्राइज “
रिया,,,, ओ,,, रिया,,,,,, बेटा सारा सामान रख लिया न पूजा का, बेटा सब इकट्ठा करो एक जगह ,,,,, थाली में, …
अटल रहे सुहाग : ( लघुकथा -व्रत ) शशि बंसल
” मीनू ! जल्दी से अपने पापा की थाली लगा दो,” घर में कदम धरते ही आदेशात्मक स्वर में कहा …
अटल रहे सुहाग : एक प्यार ऐसा भी
बस अब इन दिनो मे और जमकर मेहनत करनी है ये सोचता हुआ रामू अपना साईकिल रिक्शा खींचे जा रहा …
डिम्पल गौड़ ‘अनन्या ‘ की लघुकथाएं
समझौता “आज फिर वही साड़ी ! कितनी बार कहा है तुम्हें..इस साड़ी को मत पहना करो ! तुम्हें समझ नहीं …
सीमा सिंह की लघुकथाएं
नशा कभी बाएं कभी दायें डोलती सी तेज गति से आती अनियंत्रित गाड़ी मोड पर पलट गई. भीड़ जमा हो …
मीना पाण्डेय की लघुकथाएं
लघु कथाएँ लेखन की वह विधा है जिसमें कम शब्दों के माध्यम से पूरी बात कह दी जाए | इसमें …
दोगलापन (लघुकहानी)
सविता मिश्रा =============“कुछ पुन्य कर्म भी कर लिया करो भाग्यवान, सोसायटी की सारी औरतें कन्या जिमाती है, और तू है कि …