अमेरिका की सिलिकाॅन वेली की तरह भारत को इण्टरनेशनल रिसर्च की वैश्विक प्रयोगशाला बनाने के निर्माण में साधनारत युवा वैज्ञानिक डा. रविकांत


लखनऊ सितम्बर। स्वीडन के युवा वैज्ञानिक डा. रविकांत के नेतृत्व में संचालित तथा निर्मित इण्टरनेशनल रिसर्च की वैश्विक प्रयोगशाला, गुरूकुल, भारत उदय तथा ग्रामीण विकास का अध्ययन करने हेतु सिटी मोन्टेसरी स्कूल के सलाहकार प्रदीप कुमार सिंह, वरिष्ठ पत्रकार श्री संजीव कुमार शुक्ला, तेजज्ञान फाउण्डेशन, पुणे की सत्याचार्या श्रीमती गंुंजन तिवारी, शिक्षिका श्रीमती स्मिता त्रिपाठी एवं समाजसेवी विश्व पाल का पांच सदस्यीय एक दल लखनऊ से सड़क मार्ग से उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के छेड़ी बसायक गांव से 26 सितम्बर 2017 को एक दिवसीय यात्रा से उत्साहवर्धक अनुभव को लेकर वापिस लौटा।


इस यात्रा के दौरान हमीरपुर जिले के छेड़ी बसायक गांव में जन्मे स्वीडन की गोटेनबर्ग यूनिवर्सिटी में कार्यरत युवा एसोसिऐट प्रोफेसर रविकांत से 100 एकड़ जमीन में बसाये जा रहे भव्य इण्टरनेशनल रिसर्च सेन्टर, गुरूकुल, भारत उदय मिशन, विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त होस्टल, जैविक खेती के द्वारा ग्रामीण भारत को रसायनमुक्त तथा लाभकारी खेती की जानकारी प्राप्त की। आपने भारतीय संस्कारों तथा आधुनिक संसाधनों से युक्त गुरूकुल तथा इण्टरनेशनल रिसर्च सेन्टर की दो मंजिला भव्य बिल्डिंग का निर्माण भी किया है। देश-विदेश के पर्यावरण शोधार्थियों एवं विशेषज्ञों के लिए आधुनिक संसाधनों से लेस प्रयोगशाला, मीटिंग हाल, आवास आदि की विश्वस्तरीय व्यवस्था की गयी है। आश्रम में जैविक खेती से उत्पन्न अनाजों, फलों, जड़ी-बुटियों तथा गौशाला के दूध, मठे तथा शुद्ध घी का उपयोग किया जाता है। 



डा. रविकांत सिटी मोन्टेसरी स्कूल, चैक शाखा, लखनऊ के पूर्व छात्र रहे हैं। डा. रविकांत अपना प्रेरणास्रोत महात्मा गांधी तथा सिटी मोन्टेसरी स्कूल के संस्थापक-प्रबन्धक डा. जगदीश गांधी व डा. भारती गांधी को मानते हैं। उन्होंने डा. जगदीश गांधी व डा. भारती गांधी के प्रति उस जैसे गरीब बालक को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में दिये गये सहयोग के लिए बारम्बार आभार प्रगट किया।


डा. रविकांत ने नेतृत्व में भारत उदय मिशन इस गुरूकुल में प्रारम्भिक अवस्था से भारतीय संस्कारों पर आधारित आधुनिक शिक्षा की निःशुल्क व्यवस्था करने जा रहा है। इस गुरूकुल में बच्चों को चरित्र निर्माण, आध्यात्मिक गुणों के विकास, प्रकृति से जुड़ाव, प्रदुषण मुक्त जीवन तथा आधुनिक शिक्षा की आवासीय व्यवस्था भी रहेगी। इस नवीन पद्धति से प्रत्येक बालक खिलकर तथा खुलकर आत्मनिर्भरता पूर्वक तनावरहित जीवन जीने का भरपूर आनंद ले सकेगा।


युवा वैज्ञानिक हरित ऋषि डा. रविकांत द्वारा इस संस्कारयुक्त तथा आधुनिक ज्ञान-विज्ञान से ओतप्रोत नवीन शिक्षा पद्धति को विश्व नागरिक गढ़ने की एक खुली प्रयोगशाला का स्वरूप दिया जा रहा है। इस युवा वैज्ञानिक की दिशायुक्त परिकल्पना है कि इस गुरूकुल केन्द्र के सफल होने के बाद इसे पूरे देश के प्रत्येक जिले में विस्तार दिया जायेगा।
आपके द्वारा भारत उदय मिशन के अन्तर्गत विशेषकर ग्रामीण क्षेत्र के गरीब प्रतिभाशाली बच्चों को सहयोग, मार्गदर्शन एवं सुझाव दिया जाता है। भारत उदय के इस महाभियान से जुड़ने के लिए डा. रविकांत से सीधे सम्पर्क किया जा सकता है।

- संजीव कुमार शुक्ला
वरिष्ठ पत्रकार, लखनऊ मो. 9140318805

ःःः सम्पर्क सूत्र:ःः
डा. रविकान्त मो. 7081996274 तथा प्रदीप कुमार सिंह, लखनऊ मो. 9839423719
(डा. रविकांत 28 सितम्बर को दिल्ली से स्वीडन के लिए रवाना हो रहे हैं। 
वह दिसम्बर 2017 में पुनः स्वदेश लौटेगे)

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Atoot bandhan

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