सुख -दुःख के पार है आनंद
दुख को कोई नहीं चाहता। हर कोई सुख की खोज में भटकता रहता है। यह मान लिए गया है कि …
दुख को कोई नहीं चाहता। हर कोई सुख की खोज में भटकता रहता है। यह मान लिए गया है कि …
1… आखिर कब तक….? डूबे रहोगे सिर्फ बौद्धिक व्यभिचार में वक्त पुकार रहा हैसमस्याओं के उपचारकी बाट जोह रहे हैं …
कमल के फूल को योग और अध्यात्म में एक प्रतीक के रूप में देखा जाता है। योगिक शब्दावली में बोध …
उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षक के रूप में समायोजित किये गए शिक्षामित्रो को एक साथ कई समस्याओं का सामना करना …
भारतीय संस्कृति में अक्टूबर नवम्बर माह का विशेष महत्व् है,क्योंकि यह महीना प्रकाशपर्व दीपावली लेकर आता है.दीपावली अँधेरे पर प्रकाश …
सच की राहों में देखे हैं कांटे बहुत,पर,कदम अपने कभी डगमगाए नहीं।बदचलन है जमाने की चलती हवा,इसलिए दीप हमने जलाए …
जिन्दगी कुछ यूं तन्हा होने लगी है अंधेरों से भी दोस्ती होने लगी है चमकते उजालों से लगता है डर …
ओमकार मणि त्रिपाठी प्रधान संपादक – अटूट बंधन एवं सच का हौसला जिस हृदय में विवेक का, विचार का दीपक …
वैसे तो ज्योतिष में ज्यादातर लोग कुंडली और चंद्र राशि के अनुसार रत्न पहनते हैं। लेकिन कुछ लोगों को अपनी …
चंद्रग्रहण क्या है चन्द्रग्रहण – वस्तुत :चंद्रग्रहण उस खगोलीय स्तिथि को कहते हैं …
सफलता के मार्ग पर आलोचना,निंदा अपरिहार्य है सफलता के मार्ग पर आलोचना अपरिहार्य है। दुनिया में ऐसा कौन है,जिसकी आलोचना …
आदतें बदलें,जिन्दगी बदल जाएगी आदतें चाहे अच्छी हों या बुरी, हमारी जिंदगी में इनका असर बहुत पड़ता है। कुछ आदतें …