कहानी
पापा मर चुके हैं
” पापा मर चुके हैं ” एक ऐसी कहानी है जो संवेदना के स्टार पर आपको झकझोर देगी | चाइल्ड …
नीम का पेड़‘
दो घरों के बीच अपनी शाखाएं फैला कर खड़ा हुआ नीम का पेड़ उन के बीच विवादों की जड़ था …
दीपक शर्मा की कहानी -चिराग़-गुल
ये कहानी पढ़कर फिल्म पाकीजा का एक गीत ख्यालों में चला आ रहा है | “ये चिराग़ बुझ रहे हैं …
पुरानी फाँक
पूर्वानुमान या इनट्युशन किसी को क्यों होता है इसके बारे में ठीक से कहा नहीं जा सकता | फिर भी …
वो प्यार था या कुछ और था
जो मैं ऐसा जानती कि प्रीत किये दुःख होय , नगर ढिंढोरा पीटती , की प्रीत न करियो कोय …
मंगत पहलवान
अटूट बंधन में आप वरिष्ठ लेखिका दीपक शर्मा जी की कई कहानियाँ पढ़ चुके हैं | कई बार उनकी कहानियों …
ऊँट की पीठ
एक लोकगीत जो कई बार ढोलक की थाप पर सुना है, “विदा करके माता उऋण हुईं, सासरे की मुसीबत क्या …
जीवन का सत्य
“संसार से भागे फिरते हो भगवान् को तुम क्या पाओगे” चित्रलेखा फिल्म का यह लोकप्रिय गीत जीवन के सत्य को …