कमरा नंबर 909-दर्शनिकता को समेटे सच कि दास्तान
– डॉ. अजय कुमार शर्मा डॉक्टर होने के साथ-साथ एक संवेदनशील साहित्यकार भी हैं | इसका पता उनकी रचनाओं को …
– डॉ. अजय कुमार शर्मा डॉक्टर होने के साथ-साथ एक संवेदनशील साहित्यकार भी हैं | इसका पता उनकी रचनाओं को …
“ राम तुम्हारा चरित स्वंय ही काव्य है, कोई कवि बन जाय सहज संभाव्य है।“ मैथिली शरण …
क्या एक विचार जिंदगी बदल सकता है ? मेरे अनुसार “हाँ” वो एक विचार ही रहा होगा जिसने रेलवे स्टेशन …
इस दुनिया की सबसे खूबसूरत शय है प्रेम .. प्रेम जिसके ऊपर कोई बंधन नहीं है |न धर्म का ना …
उर्दू व हिंदी साहित्य का जाना-पहचाना नाम मुशर्रफ आलम जौकी जी का कल दिनांक 19 अप्रैल 2021 को निधन …
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री दीपक मिश्रा ने नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित जानेमाने बाल अधिकार कार्यकर्ता …
“वो सवालों के दिन वो जवाबों की रातें” …जी हाँ, अपना बचपन याद आते ही जो चीजें शुरुआत …
प्रस्तुत है डेजी नेहरा के द्वारा वंदना बाजपेयी के कहानी संग्रह ‘विसर्जन ‘की समीक्षा समीक्षा – विसर्जन (कहानी-संग्रह) वंदना वाजपेयी …
डस्टबिन में पेड़ आशा शर्मा जी का नया बाल कहानी संग्रह है | पेशे से इंजिनीयर आशा जी कलम …
अंजू शर्मा जी से मेरा परिचय “चालीस साला औरतें” से हुआ था | कविता फेसबुक में पढ़ी और …
सिंदूर खेला “सिंदूर खेला” रंजना बाजपेयी जी का नया कहानी संग्रह है | इससे पहले उनके दो उपन्यास “अनावरण” और …
कुल्हड़ भर इश्क एक बनारसी हल्की -फुलकी प्रेम कथा है | बिलकुल बनारसी शंकर जी की बूटी की तरह जिसका …
जब बात किस्सों की आती है तो याद आती है जाड़े की गुनगुनी धूप सेंकते हुए, मूंगफली चबाते हुए …
आज आपसे ” तपते जेठ में गुलमोहर सा उपन्यास के बारे में बात करने जा रही हूँ |यह यूँ तो …
महिमा से पहली बार सन्निधि संगोष्ठी में मुलाकात हुई थी | मासूम सी, हँसमुख बच्ची ने जहाँ अपने व्यक्तित्व से …
जिंदगी ही कहानी है या कहानी ही जिंदगी है इस प्रश्न का ठीक-ठीक उत्तर देना थोड़ा उलझन भरा हो सकता …
आज मैं आपसे बात करना चाहूँगी नंदा पाण्डेय जी के काव्य संग्रह “बस कह देना कि आऊँगा के बारे में …
आज मैं आप के साथ बात करुँगी गीताश्री जी के नए कहानी संग्रह लिट्टी-चोखा के बारे में | लिट्टी-चोखा बिहार …
वंदना गुप्ता जी उन लेखिकाओं में से हैं जो निरंतर लेखन कार्य में रत हैं | उनकी अभी तक १२ …
That what fiction is for . It’s for getting at the truth when the truth isn’t sufficient for the truth …