स्त्री विमर्श
आधी आबादी कितनी कैद कितनी आज़ाद
जरूरी है सम्मान कैद उतनी ही जितना कि कोई एक पंछी खुले पिंजरे मे हो मगर उसके पंख काट दिए …
आधी आबादी कितनी कैद कितनी आज़ाद -किरण सिंह
जटिल प्रश्न आधी आबादी कितनी कैद कितनी आजाद इसका उत्तर देना काफी कठिन है क्योंकि उन्हें खुद ही नहीं पता …
आधी आबादी :कितनी कैद कितनी आज़ाद (रचना व्यास )
कोई पैमाना नहीं है अर्धांगिनी नारी तुम जीवन की आधी परिभाषा।’ कितना सच और सुखद लगता है सुनने में पर …
आधी आबादी :कितनी कैद कितनी आजाद (चन्द्र प्रभा सूद )
जाने अपने अधिकार महिला दिवस पर नारी सशक्तिकरण के लिए भाषण दे देने से या कुछ लेख लिख देने से …
नारी नुचे पंखों वाली तितली
नारी या ” नुचे पंखों वाली तितली “ लगा दिए मुझ पर प्रतिबंध , झूठी आन,बान और शान के नोच …
आधी आबादी :कितनी कैद कितनी आज़ाद (वंदना गुप्ता )
कोई युग हो या कोई काल स्त्री के बिना संभव ही नहीं जीवन और संसार , जानते हुए इस अटूट …
आधी आबादी :कितनी कैद कितनी आज़ाद ( तृप्ति वर्मा )
जरूरी है बराबर का पालन -पोषण हमारा भारत स्वतंत्र है और स्वतंत्र भारत में अधिकांश आबादी पित्र सत्ता, रूढिवादी, अंधविश्वास, …
आधी आबादी:कितनी कैद कितनी आजाद (कुसुम पालीवाल )
आधी आबादी-कितनी कैद कितनी आजाद औरत पैदा नहीं होती औरत बनाई जाती है । मीरा बाई और महादेवी वर्मा के …
आधी आबादी :कितनी कैद कितनी आज़ाद (संगीता सिंह ‘भावना ‘)
दोहरी जिन्दगी की मार आज भले ही स्त्री ने अपनी एक अलग पृष्ठभूमि तैयार कर ली है ,पर अभी भी …
आधी आबादी :कितनी कैद कितनी आज़ाद ( पुष्प लता )
आज़ाद भारत में आज़ाद महिलायें …………… !!! पायलों की बेड़ी में जकड़ी, आज भी नारी चूड़ियों सी हर पल खनकती ,वो सुकुमारी …
तुम धरती हो…तुम्हे सहना होगा
तुम धरती हो…तुम्हे सहना होगा वह खटती रही प्रताड़ित होती रही लुटती रही बार बार….लगातार उससे कहा गया तुम धरती हो…तुम्हे सह्ना …
मजबूत हैं हौसले ……….. की मंजिल अब दूर नहीं
आधुनिक और बदलते दौर ने जहाँ एक ओर हमें कई विसंगतियां दी है ,वहीँ हमें अपने तरीके से जीवन जीने …
बोझ की तरह
एक स्त्री का जब जन्म होता है तभी से उसके लालन पालन और संस्कारों में स्त्रीयोचित गुण डाले जाने लगते …
किसी भी बालक के व्यक्तित्व निर्माण में ‘माँ’ की ही मुख्य भूमिका:-
विश्व में शांति की स्थापना के लिए महिलाओं को सशक्त बनायें! किसी भी बालक के व्यक्तित्व निर्माण में ‘माँ’ की …
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस् पर विशेष : कुछ पाया है …….. कुछ पाना है बाकी
अंतराष्ट्रीय महिला दिवस् पर विशेष कुछ पाया है …….. कुछ पाना है बाकी सदियों से लिखती आई हैं औरतें …