शुक्र मनाओ

शुक्र मनाओ शुक्र मनाओ कि आज तुम्हारी पूजा सफल हुई बेटी लौट आई है स्कूल से जहाँ टाफी -चॉकलेट का …

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लज्जा

शरबानी  सेनगुप्ता वह कोयले के टाल  पर बैठी लेकर हाथ में सूखी रोटी संकुचाई सिमटी सी बैठी पैबंद लगी चादर …

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क्या आत्मा पूर्वजन्म के घनिष्ठ रिश्तों की तरफ खिंचती है ?

लेखिका – श्रीमती सरबानी सेनगुप्ता जीवन भर दौड़ने भागने के बाद जब जीवन कि संध्या बेला में कुछ पल सुस्ताने का अवसर …

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सूट की भूख

 सरबानी सेनगुप्ता   आज जहाँ भी जाओ लेडीज सूट और कुर्तों का बोलबाला है | चाहे वो मॉल  हो या पटरी …

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