बिछोह

बिछोह

वरिष्ठ लेखिका दीपक शर्मा जी की कहानियों की खास बात होती है उनके शीर्षक, और कथ्य को कहने का वो …

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कार्टून

कार्टून

चित्रकला में सिद्धहस्त माँ जब अपनी बेटी को एक चित्रकला की बारीकियाँ सिखाती है तो कहती है कि “काग़ज़ पर …

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मंथरा

मंथरा

इतिहास साक्षी है कि केकैयी अपने पुत्र राम के प्रति अपार स्नेह भाव रखती थीं | पर उन को सौतेली …

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निगोड़ी

स्मृतियाँ हमें तोडती भी हैं हमें जोडती भी हैं | ये हमारी जीवन यात्रा की एक धरोहर है | हम …

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ऊँटकी करवट

ऊँट किस करवट बैठता है यह बहुत ही प्रसिद्द मुहावरा है | ये एक संदेह की स्थिति है | दरअसल …

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गीदड़-गश्त

गीदड़ एक ऐसा पशु है जो खंडहरों में गश्त लगाते हैं |कहानी में वरिष्ठ लेखिका दीपक शर्मा जी ने अतीत …

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दम-दमड़ी

“दम–दमड़ी” ये कहानी है वरिष्ठ लेखिका दीपक शर्मा की, जो रुपये पैसों के ऊपर टूटते –बिखरते रिश्तों का नंगा सच …

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भनक

टिनीटस एक बीमारी है जिसमें कानों में अजीब अजीब सी आवाजें आती हैं | ऐसा कान का पर्दा सूज जाने …

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मेंढकी

मेंढकी -एक उभयचर जीव, कभी पानी में , कभी थल पर और कभी कूद कर पेड़ पर चढ़ जाना | …

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कब्ज़े पर

हिस्टीरिया  एक ऐसी बिमारी है जिसमें व्यक्ति अपने ऊपर नियंत्रण खो देता है | ऐसा उनके साथ होता है जो …

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कुनबेवाला

“तुम बिलकुल जानवर हो ?”यह कह कर किसी इंसान का अपमान कर देना हम इंसानों की आदत में शुमार है …

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पुरानी फाँक

पूर्वानुमान या इनट्युशन किसी को क्यों होता है इसके बारे में ठीक से कहा नहीं जा सकता | फिर भी …

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कुँजी

जैसे होने की उत्त्पत्ति ना होने से होती है , जीवन की मृत्यु से और प्रकाश की अन्धकार से …वैसे …

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उपच्छाया

उपच्छाया का शाब्दिक अर्थ है मूल छाया से इतर पड़ने वाली छाया अर्थात आंशिक छाया | ये कहानी भी ऐसी  …

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