बेबसी

बुढ़ापा हमेशा से बेबस होता है , उसकी ये बेबसी उसकी संतान के लिए अपनी बात मनवाने का जरिया बन …

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बस एक बार

बेटा हो या बेटी, संतान के आने से घर -आँगन चहक उठता है | फिर भी बेटे सम्मानित विशिष्ट अतिथि …

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एक टीस

दीपावली की रात थी । पूरा शहर चाईनीज़ झालरों की रोशनी से जगमगा रहा था, पर जग्गी कुम्हार के छप्पर में …

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परिवार

सुनीता त्यागी मेरठ, यू. पी. ****** एकमात्र पुत्री के विवाह के उपरांत मिसिज़ गुप्ता एकदम अकेली हो गयी थीं। गुप्ता जी तो …

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