पीड़ा की तस्वीर का दूसरा रुख दिखाते संग्रह द्वय
न्याय का तराजू हमेशा साम्य पर रहना चाहिए l इस साम्य में ही जीवन का, विकास का, संभावनाओं का …
न्याय का तराजू हमेशा साम्य पर रहना चाहिए l इस साम्य में ही जीवन का, विकास का, संभावनाओं का …
संसार अपनी धुन में लगातार चलते हुए मारक पदचिह्न छोड़ता चलता है। जिस रास्ते को वह तय कर लेता है, …
कुछ घटनाएँ हमारे जीवन में इस प्रकार घटती हैं कि हमें यह लगने लगता है कि बस ये घटना …
रात को जब सब सो जाते हैं तो चाँदनी सबकी आँखों में चाँद पाने का ख्वाब परोस देती है | …
कल्पना मनोरमा जी एक शिक्षिका हैं और उनकी कविताओं की खास बात यह है कि वो आम जीवन की बात …
क्या बबूल पर गुलाब का रेशमी खुशबूदार फूल उग सकता है | नहीं | पर कहते हैं कि व्यक्ति का …