प्यार का चाँद

0
39







करवा चौथ की सभी व्रती महिलाओ के प्यार की एक खूबसूरत कविता—-
(प्यार का चाँद)


हमने पाया है तुममे अपने प्यार का चाँद,
बेशक कल तुम तकोगी छत पे मुझे,
मेरे हाथो से पियोगी व्रत का पानी,
लेकिन मै नही तकुंगा तेरे सिवा मेरी सजनी,
क्योंकि दुनिया तकेगी उसे,
मै तो तकुंगा तुम्हें क्योंकि तुम्हि हो———–
हमारी धड़कन और हमारे प्यार का चाँद।
मेंहदी,महावर,चुड़ियाँ,सिन्दूर,बिंदिया,
वही पहले करवे सी शर्म,
तुम बहुत अच्छि हो मेरी सजनी,
क्या करुंगा तक के मै,
बहुत फिका है तेरे आगे आज—–
इस पुरे संसार का चाँद।
मै तुम्हें पाऊ हर जनम,
कभी न छिने मेरी आँखो से मेरी सजनी,
क्योंकि पल-छिन नही है तुमसे मेरी सजनी,
तुम्हारे साजन के प्यार का चाँद——
हमने पाया है तुममे अपने प्यार का चाँद।

@@@रचयिता—–रंगनाथ द्विवेदी।
जौनपुर (उत्तर–प्रदेश)।





PHOTO CREDIT –AAZ TAK

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here