हैं ये उन्हें तब समझ नहीं आता जब वो एक दूसरे के साथ होते हैं | दूरियाँ उनके
प्यार के अहसास को और गहरा कर देती हैं |ये एक तरह का लिटमस टेस्ट भी है |
प्रियंका और यश की प्रेम कहानी ब्रेक अप के बाद खत्म ही हो गयी थी |फिर नए साल पर
ऐसा क्या हुआ कि …
पढ़िए -लप्रेक:चॉकलेट केक
प्रियंका उदास बैठी थी |उसकी सारी सहेलियाँ अपने दोस्तों के साथ होटल “रॉक इन “. में डांस पार्टी में जा रही थी | वो किसके साथ जाए | पिछले 7 सालों से वो यश के साथ जाती रही है |हर बार वहाँ जाने से पहले यश पहले उसके घर आता और चॉकलेट केक की मांग करता | वो भी तो कितने जतन से बनाती थी उसके लिए | वह हमेशा उससे कहता कि न्यू इयर इव का बेस्ट गिफ्ट तुम्हारे हाथ का बना चॉकलेट केक है | दोनों साथ में केक काटते | हालांकि यश उसे केक का बस एक छोटा सा टुकड़ा ही खाने देता | और खुद पूरा केक अंगुलियाँ चाट -चाट कर खाता |फिर भी वो उसे यूँ खाता देख कर तृप्त हो जाती | औरत किसी से किसी भी रूप में प्यार करें , उसके अन्दर माँ का रूप सबसे हावी रहता है | पर … ये दिन ज्यादा समय तक नहीं चल सके | दो महीने पहले ही यश का उससे ब्रेक अप हुआ था |
उसने यश से बस इतना कहा था कि अब ये दोस्ती के रैपर में अपने रिश्ते को कब तक छुपाती रहेगी | बदले में यश ने उसे अजीब सी निगाहों से घूर कर तपाक से कहा था कि दोस्ती करते समय ही उसने कह दिया था की वो उससे किसी और रिश्ते की उम्मीद न रखे | फिर अब ये पेशकश क्यों ? अगर वो उससे शादी करना चाहती है तो ये रिश्ता यहीं खत्म |
यश तो इतनी आसानी से रिश्ता खत्म कर के चला गया | वो वहीँ आँसूं भरी आँखें लिए खड़ी रही | और अभी तक वहीं खड़ी है | जीवन जैसे थम सा गया हो | आगे बढ़ ही नहीं रहा | कितने पल … कितने खूबसूरत पल उसने यश के साथ बिताये थे | कितने सुख – दुःख साझा किये थे | भले ही वो सब कुछ एक अच्छी दोस्ती के नाम पर हुआ था | पर था तो एक घनिष्ठ रिश्ता … सबसे घनिष्ठ | क्या उस समय किया गया वो प्यार , वो चिंता – फिर्क , वो जरा सी देर में न मिल पाने पर बेचैन हो जाना सब उसे पाने का जरिया भर थे | क्या माँ सही कहती थी कि पुरुष स्त्री देह से आगे बढ़ ही नहीं पाता |
6 साल तक यश को टालती रही थी वो | फिर अचानक क्यों उस दिन खुद पर काबू नहीं कर पायी | उसके बाद उसके लिए सब कुछ बदल गया | मन ही मन वो खुद को यश की पत्नी मान बैठी | उसे लगता था कि वो कहेगी और यश तुरंत हाँ कर देंगे | पर वो गलत थी | यश नहीं बदले …हां उसने तो पहले ही कह दिया था | वो ही अपने प्यार पर ज्यादा यकीन कर बैठी |
बगल के घर से चॉकलेट केक की खुश्बू आ रही है | सौम्या , सौरभ के लिए बना रही होगी |उसी से तो सीखा है उसने इसे बनाना | पहला न्यू इयर है दोनों का साथ – साथ | वो मिठास में बाँधना चाहती है अपने और सौरभ के रिश्ते को | न जाने क्यों केक की खुशबू प्रियंका को बर्दाश्त नहीं हो रही है | उसकी आँखें बार – बार भर रही हैं | पांच बज गया | यश इसी समय तो आता था |
तभी दरवाजे की घंटी बजी | यश खड़ा था | उसके हाथों में बड़ा सा पैकेट था और आँखों में नमी | प्रियंका को अचम्भे से अपनी ओर देखते हुए बोला | अन्दर आने को नहीं कहोगी ‘प्रियु ‘ | प्रियंका ने आँखों से अन्दर आने का इशारा कर दिया | शब्दों ने उसका साथ छोड़ दिया था |
अन्दर आ कर डाइनिंग टेबल पर उसने पैकेट रख दिया | फिर प्रियंका की ओर देख कर बोला ,” मैं हार गया प्रियंका, तुम्हारे प्यार के आगे और अपने प्यार के आगे भी | मैंने बहुत कोशिश की सख्त बनने की | मैं जानता था, मेरे – माता पिता अलग धर्म की होने के कारण तुम्हें बहू के रूप में स्वीकार नहीं करेंगें | इसलिए मैंने अपने प्यार को सिर्फ दोस्ती के रैपर में ही रखना चाहा | मैं खुश था | तुम मेरे साथ थी | मैंने सोंचा था कि जिन्दगी यूँही कट जायेगी | तुम्हारी अचानक से शादी की मांग ने मुझे मजबूर कर दिया कि मैं वापस अपनी दुनिया में लौट जाऊ | पर मैं गलत था | मैं नहीं जानता था की दिल कितना भी पत्थर कर लो , प्यार वो दरिया है जो उसे तोड़ कर निकलेगा ही निकलेगा | अब मुझे किसी की परवाह नहीं | बस तुम मेरे साथ हो इतना ही काफी है |
यश ने आँसू पोंछते हुए कहा ,” मुझे पता है प्रियंका तुमने आज चॉकलेट केक नहीं बनाया होगा | इसलिए आज मैं खुद अपने हाथों से बना कर लाया हूँ | आओ केक काटें , कहते हुए उसने केक का डिब्बा खोल दिया | प्रियंका जो अभी तक मूर्तिवत खड़ी थी, यंत्रवत केक काटने लगी | उसने छोटा सा टुकड़ा यश के मुँह में डाल दिया और आँसूं पोंछते हुए दोनों हाथों से यूँ केक खाने लगी जैसे जन्मों की भूखी हो |
आज यश ने अपना हिस्सा नहीं माँगा | वो मंत्रमुग्ध सा प्रियंका को देखता रहा | और उसकी दोनों आँखों से प्यार बरसता रहा |
वंदना बाजपेयी
यह भी पढ़ें …
Keywords : Chocolate cake, new Year, New Year Celebration , Love story, Short love story
Comments are closed.