लेख
वन फॉर सॉरो ,टू फॉर जॉय
उससे मेरा पहला परिचय कब हुआ , पता नहीं | शायद बचपन में तब जब मैंने हर काली चिड़िया को …
क्या फेसबुक पर अतिसक्रियता रचनाशीलता में बाधा है ?
लाइट , कैमरा ,एक्शन की तर्ज पर लाइक , कमेंट ,एडिक्शन …. और दोनों ही ले …
ड्रग एडिक्शन की गिरफ्त में युवा – जरूरी है जागरूकता
जैसे –जैसे शाम गहराने लगती है , बड़े पार्कों में , जहाँ ज्यादा घने पेड़ व् झाड़ियाँ हों , दो …
राजी -“आखिर युद्ध क्यों होते है “सवाल उठाती बेहतरीन फिल्म
देशभक्ति की बहुत सी फिल्में बनी और बहुत लोकप्रिय भी हुई | परन्तु “राजी “ एक ऐसे फिल्म है जिसमें …
युवाओं में “लिव इन रिलेशन “ की ओर झुकाव …आखिर क्यो ????
आज कल आधुनिकता का दौर तेजी से बढ़ रहा है आधुनिक सभ्यता ने इस कदर पाँव पसार लिए हैं कि …
बुद्ध पूर्णिमा – भगवान् बुद्ध ने दिया समता का सन्देश
आज से 2500 वर्ष पूर्व निपट भौतिकता बढ़ जाने के कारण मानव के मन में हिंसा का वेग काफी बढ़ …
बुजुर्गों की की अधीरता का जिम्मेवार कौन?
ये सच है कि समाज बदल रहा है, इस बदलते समाज का दंड यूँ तो हर वे को भोगना पड़ …
खुद को अतिव्यस्त दिखाने का मनोरोग
और क्या चल रहा है आजकल .? क्या बताये मरने की भी फुरसत नहीं, और आपका, यही …
विश्व जल संरक्षण दिवस पर विशेष लेख- जल संरक्षण के लिए बेहतर जल प्रबन्धन की अति आवश्यकता है
एक प्यासे इंसान के लिए पानी की एक बूँद सोने की एक बोरी से ज्यादा मूल्यवान है जल के बिना …
खुश रहना चाहते हैं तो एक दूसरे की मदद करें
एक बार पचास लोगों का ग्रुप किसी सेमीनार में हिस्सा ले रहा था। सेमीनार शुरू हुए अभी कुछ ही …
बच्चों के एग्जाम और मम्मी का टेंशन
बच्चों के एग्जाम शुरू हो गए हैं |एग्जाम के दिन यानी सपने , पढ़ाई , मेहनत और टेंशन के दिन …
बच्चों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति
आज समाचारपत्रों, दूरदर्शन, पत्र-पत्रिकाओं से ही नहीं, बल्कि अड़ोस-पड़ोस, गली, गाँव, मोहल्ला आदि के वातावरण को अनुभव …
त्यौहारों का बदलता स्वरूप
हमारा देश उत्सवों का देश है। इसी कारण पूरे वर्ष भर किसी न किसी उत्सव- त्योहार को …
मेरा शहर साफ़ हो इसमें सबका हाथ हो
मेरी एक रिश्तेदार की बीच शहर में ही बड़ी सी कोठी है. दिवाली के कोई दो दिनों के बाद मैं …
सेल्फी का दीवानापन
अभी कुछ दिन पहले की बात है कि यात्रा के दौरान ट्रेन में मेरे बगल में एक २१ -२२ …