ठुमरी को उदास छोड़े जा रही
रंगनाथ दुबे जी की ये कविता प्रसिद्ध ठुमरी गायिका गिरिजा देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि है | विगत २४ अक्टूबर को …
रंगनाथ दुबे जी की ये कविता प्रसिद्ध ठुमरी गायिका गिरिजा देवी को भावभीनी श्रद्धांजलि है | विगत २४ अक्टूबर को …
प्रस्तुत हैं उषा अवस्थी जी की दो कवितायें शिवोहम व् चाँदनी कितनी सुहानी चाँदनी शिवोहम ब्रम्हांड बने जब तन कोई …
बाॅलीवुड———- नरगिस और राज कपुर का अलगाव है, गुरुदत्त की ख़ुदकुशी है, तो घुट-घुट के दुनिया से विदा हुई—— मीना …
एक थी , छोटी सी अल्हड़ मासूम बहना। … छोड़ आई अपना बचपन ,तेरे अँगना , बारिश की बूंदो सी पावन …
आँखें उलझी नेट में, मोबाइल में कान। टेक्नोसॅवी हो रहे, बच्चे बूढ़े जवान।। स्वयं मानव ने बुना, अपनी खातिर जाल। …
करवा चौथ की सभी व्रती महिलाओ के प्यार की एक खूबसूरत कविता—- (प्यार का चाँद) हमने पाया है तुममे अपने …
आदरणीय भारतीय प्रधानमंत्री की खुले मे शौच मुक्त भारत का एक काव्यात्मक समर्थन————- बिटिया खुले मे शौच जाती है _____________________ …
मैंवृद्धाश्रम में हूँपर दुखी नहीं हूँअपने समवयस्कों के साथमिल करगति देती हूँदैनिक कार्यों कोयहाँ सबबाँटते हैं एक साथअपने सुखधूप में …
भारतीय नारी का प्रेम बड़ा विचित्र है भारतीय नारी का प्रेम वह विदेशियों की तरह चोबीसों घंटे करती नहीं है …
रंगनाथ द्विवेदी। जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)। मै पंडित नही———— तेरी मस्जिद का अजा़न, और तेरी बस्ती का जुलाहा हूँ। देख लेता हूँ सारे …
प्रिया मिश्रासतना म.प्र. 1)नादान सी वो लड़की कब हो गई सयानी नादान सी वो लड़की पत्तो से खेलती थी पेड़ो …
वरिष्ठ लेखिका रश्मि प्रभा जी की कलम में जादू है | उनके शब्द भावनाओं के सागर में सीधे उतर जाते …
रचयिता—-रंगनाथ द्विवेदी। जौनपुर(उत्तर-प्रदेश) तुम भी अब स्वर्ण-भस्म और शीलाजीत सी——- कोई दवाई खाओ—राधे माँ। बर्दाश्त नही हो रहा आशाराम और …
रंगनाथ द्विवेदी। शर्मिंदा हूं—————- सुनूंगा घंटो कल किसी गोष्ठी में, उनसे मै हिन्दी की पीड़ा, जो खुद अपने गाँव मे, …