डॉ मधु त्रिवेदी
भोले- भक्त
बचपन में माँ जब देवी – देवताओं की कहानियाँ सुनाया करती थी तो कमरे में दीवार पर जो भोले …
कैसे करें शांति व् आध्यात्म की खोज
परिवर्तन संसार का नियम है। जैसे दिन के बाद रात, वैसे ही एक युग के बाद दूसरा युग आता है। …
विघ्न विनाशक
डॉ मधु त्रिवेदी हर विघ्न के विनाशक सारे जहाँ में जोदेवता गणेश जी की इनायत हमें भी है कारज सफल …
नदी की धारा
डॉ० मधु त्रिवेदीप्राचार्यशान्ति निकेतन कॉलेज ऑफ बिज़नेसमैनेजमेन्ट एण्ड कम्प्यूटर साइन्स आगरा। जीवन संध्या में दोनों एक दूसरे के लिए नदी …
बाँध लेता प्यार सबको देश से
डॉ मधु त्रिवेदी बाँध लेता प्यार सबको देश से द्वेष से तो जंग का आसार है लांघ सीमा भंग करते …
डॉ मधु त्रिवेदी की पांच कवितायें
मैं व्यापारी हूँ झूठ फरेब झोले में रखतासच सच बातें बोलतासत्य हिंसा को मैं रोदतासाँच में आँच लगातामैं व्यापारी हूँ …
स्त्री देह और बाजारवाद ( भाग – 4 ) -स्त्री देह को अंधाधुंध प्रदर्शित कर नये -नये “प्रोडक्ट” बनाने की मुहिम
डॉ. मधु त्रिवेदी क्रिएटिव ऐश-ट्रे को वेबसाईट पर पेश कर नया तरीका सर्च किया महिलाओं की भावनाओं से …
बाल परित्यक्ता
डॉ मधु त्रिवेदी जुम्मे – जुम्मे उसने बारह बसंत ही देखे थे कि पति ने परस्त्री …
अंधेर नगरी , चौपट ———–
डॉ मधु त्रिवेदी सोन चिड़िया कहलाने वाला मेरा देश भारत समय -समय पर आक्रमणकारियों के द्वारा लूटा जाता …
” बहू बेटी की तरह होती है यह कथन सत्य है या असत्य “
डॉ मधु त्रिवेदी ———————————————————————- बहू और बेटी ” में समानता और असमानता केवल सोच की है जो बेटी है वो …
बस्तों के बोझ तले दबता बचपन
जब सुकुमार छोटे बच्चों को बस्ते के बोझ से झुका स्कूल जाते देखतीं हूँ तो सोचती हूँ …
शिक्षक दिवसपर विशेष : गुरू चरण सीखें
बैठ कर हम गुरू चरण सीखे सभी मान दे कर गुरू को सदा पूजे सभी ज्ञान की नई विधा सीख …