स्त्री देह और बाजारवाद
बाजारवाद ने सदा से स्त्री को केवल देह ही समझा | पुरुषों के दाढ़ी बनाने के ब्लेड ,शेविंग क्रीम , …
बाजारवाद ने सदा से स्त्री को केवल देह ही समझा | पुरुषों के दाढ़ी बनाने के ब्लेड ,शेविंग क्रीम , …
लेखक:- पंकज प्रखर कोटा(राज.) स्त्रीऔर नदी दोनों ही समाज में वन्दनीय है तब तक जब तक कि वो अपनी सीमा …
लेखिका -राधा शर्मा ( मुंबई -महाराष्ट्र ) कल रास्ते में निधि मिली | निधि उम्र ३२ साल एक घरेलू महिला …
विश्व की साहसी महिलायें हर क्षेत्र में मिसाल कायम कर रही हैं। कुछ ऐसी बहादुर तथा विश्वास से भरी बेटियों …
तीन तलाक पर आधारित कहानी उफ़ ! क्या दिन थे वो | जब बनी थी तुम्हारी शरीके हयात | तुम्हारे …
हाल ही में चेतन भगत द्वारा भारतीय महिलाओं के लिए लिखा गया पत्र, सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो रहा …
गर्मी का दरवाज़ा बंद होते ही आसमान के झरोखे से उतर आई है गुलाबी सर्दी | जिसके आते ही पुराने दीवान …
मोदी सरकार द्वारा बड़े नोटों को बंद करने के फैसले के बाद लोग अपने घर में रखे ५०० व् हज़ार …
औरतें आज जिस बंद अँधेरे तहखाने से नुकल कर आज़ादी की सनस लेने की दिशा में अगसर हुई हैं | …
तीन तलाक एक ऐसा मुद्दा जिस पर आजकल बहुत कुछ बोला जा रहा है , लिखा जा रहा है और …
पिंक फिल्म देकहते हुए जैसे मेरी समाधी लग गयी थी | एक एक दृश्य प्रभाव् में डूबते उतराते हुए फिल्म …
आज जिसके बारे में लिखने जा रही हूँ वह महज एक खबर थी , अखबार के कोने में | मात्र …
एक तरफ समाज की यह बिडम्बना है …!जहाँ दहेज जैसे समस्याओं को लेकर , ससुराल वालों के द्वारा , तरह …
पंकज “प्रखर ” कोटा ,राजस्थान नारी का व्यक्तित्व बहुत ही अद्भुत है | हमारे देश भारत ऐसी अनगिनत नारियों सेसुसज्जित …
किसी भी बालक के व्यक्तित्व निर्माण में ‘माँ’ की ही मुख्य भूमिका:- कोई भी बच्चा सबसे ज्यादा समय अपनी माँ …
घूँघट और टैटू |हालांकि आपको ये तीनों बेमेल दिख रहे होंगे | कुछ लोग इसे धर्म से जोड़ने का प्रयास …
किरण सिंह , पटना ********* आए दिन नारी संवेदना के स्वर गूंजते रहते हैं …..द्रवित करते रहते हैं हॄदय को …
डाॅ. जगदीश गाँधी, शिक्षाविद् एवं संस्थापक-प्रबन्धक, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ (1) संयुक्त राष्ट्र संघ की महिला सशक्तिकरण की दिशा में …
वंदना बाजपेयी अभी कुछ दिन पहले जब सोशल मीडिया देश नोट बंदी जैसे गंभीर मुद्दे पर उलझा हुआ था | …
लिखो की कलम अब तुम्हारे हाथ में भी है लिखो की कैसे छुपाती हो चूल्हे के धुए में आँसू लिखो …