अंतिम इच्छा

(कहानी)अंतिम इच्छा मोहन लाल जी मृत्यु शैया पर थे! उनके परिवार के सदस्य भी उनकी आखरी साँसे गिन रहे थे! …

Read more

उसकी मौत

आजएक बार फिर हम सब दोस्त सोहन के घर एकत्रित हुये थे – मयपान के लिये नहीं अपितु उसकी शव-यात्रा …

Read more

“एक दिन पिता के नाम “….कुछ भूली बिसरी यादें (संस्मरण -अशोक के.परुथी

“त्वदीयवस्तुयोगींद्र,  तुम्यमेवसम्पर्य               धर्मप्रेमी, नियमनिष्ठ, साहित्यरसिक!” पिता-दिवस सभी को मुबारक। वह सभी लोग खुशनसीब …

Read more

error: