महबूब के मेंहदी की रस्म है
रोऊँगा नही मै——————- आज मेरी महबूब के मेंहदी की रस्म है। भीच लुंगा होंठ को दाँतो से कुचलकर, एै खुदा …
रोऊँगा नही मै——————- आज मेरी महबूब के मेंहदी की रस्म है। भीच लुंगा होंठ को दाँतो से कुचलकर, एै खुदा …
रंगनाथ द्विवेदी हे!सखी पियरा जाई हमरे उमरियाँ क धान——- अगर सावन न आई। रहि-रहि के हुक उठे छतियाँ मे दुनौव, …
रंगनाथ द्विवेदी या खुदा————– उसके रोने से धुल जाये मेरी लाश इतनी, कि बदलियो को घिर-घिर के बरसने की जरुरत …
रंगनाथ द्विवेदी अनार से महंगा टमाटर खा रहा हूं। आ गये अच्छे दिन——— मै इलू-इलू गा रहा हूं, अनार से …
नीलम गुप्ता आज छुट्टी का दिन है ……… आज बच्चे देर से उठेंगे तय नहीं है कब नहायेंगे नहायेंगे भी …
******स्थिति और परिस्थिति****** स्थिति और परिस्थिति सभी को अपने ढ़ंग से नचाता है…. कोई याद रखता है , कोई भूल …
-रंगनाथ द्विवेदी। तेरी सरिया मे शराब नहीं लेकिन———– हम पीने वालो के लिये खराब नही लेकिन। हम बाँट लेते है …
सुमित्रा गुप्ता तुम्हीं से है…….. कभी शिकवा शिकायत हैकभी मनुहार इबादत हैमेरे प्यारे, मेरे भगवन, मेरे बंधु,तुम्हीं से है, तुम्हीं से …
जूनून छत की मुंडेर पर खड़ी वो कभी हाथ हिलाती तो कभी गले से स्कार्फ उतारकर उसको लहराती लग रहा …
डॉ मधु त्रिवेदी बाँध लेता प्यार सबको देश से द्वेष से तो जंग का आसार है लांघ सीमा भंग करते …
मैं व्यापारी हूँ झूठ फरेब झोले में रखतासच सच बातें बोलतासत्य हिंसा को मैं रोदतासाँच में आँच लगातामैं व्यापारी हूँ …
उसे बात – बात पर गुस्सा आता था क्योंकि उसे लगता था कुछ भी ठीक नहीं है वह टकराना चाहता …
आलेख, संकलन, लिप्यंतरण एवं प्रस्तुति: सीताराम गुप्ता दिल्ली जीवन परिचय पूरा नाम: शुजाउद्दीन साजिद पैदाइश: 24 दिसंबर सन् 1946 को …
संकलन, लिप्यंतरण एवं प्रस्तुति: सीताराम गुप्ता दिल्ली-110034 बहुत कठिन है डगर पनघट की। पनघट की तरह ही दोस्ती …
रंगनाथ द्विवेदी। लाख विरोध करे——— काग्रेंस,यस.पी.(SP),बी.यस.पी.(BSP), लेकिन इस देश के आखिरी शख्स़़ के—– हित मे है जी.यस.टी(GST)। आओ हम सपोर्ट …
सुशील यादव 122२ 1222 १22 तुफानों का गजब मंजर नहीं है इसीलिए खौफ में ये शहर नहीं है तलाश आया …
डॉ. भारती वर्मा बौड़ाई ——————————– कल बहुत दिनों बाद सुबह मिली खिली खिली बोली उदास होकर तुम्हारे पिता मुझसे रोज़ …
फादर्स डे पर एक बेटी की अपने पापा की याद को समर्पित कविता। अपने पापा की गुड़िया दो चुटिया बांधे …