फ्रेंडशिप डे पर विशेष :कि जहाँ भी रहे तू मेरी निगाह में हैं
कि जहाँ भी रहे तू मेरी निगाह में हैं दोस्त एक छोटा सा शब्द पर अपने अन्दर बहुत सारे अहसास …
कि जहाँ भी रहे तू मेरी निगाह में हैं दोस्त एक छोटा सा शब्द पर अपने अन्दर बहुत सारे अहसास …
!!!!!!!!!!!!!!!!!!!रिया स्पीक्स !!!!!!!!!!!!!!!!!!! सेल्फी विद डॉटर दादी;( कमरे में प्रवेश करते हुए )हे …
बड़ा होता आँगन बार –बार दरवाजे पर आ कर परदेश गये बेटे की बाट जोहती है माँ कि दीवार पर …
मायके आई हुई बेटियाँ , फिर से अपने बचपन में लौट आती है , और जाते समय आँचल के छोर …
वंदना बाजपेयी कोई इल्तजा कोई बंदगी न क़ज़ा से हाथ छुड़ा सकी किये आदमी ने कई जतन मगर उसके काम …
स्वीकारती हूँ सींच रही थी मैं अंदर ही अंदर एक वट वृक्ष क्रोध का कि चुभने लगे थे कांटे रक्तरंजित …
होली केवल रंगों का त्यौहार ही नहीं है , हंसने खिलखिलाने का भी त्यौहार है | हँसने –हँसाने का ये …
कहते हैं की दिल की बात अगर बांटी न जाए तो दिल की बीमारी बन जाती है और हम दिल …