विशोका- समय को फलांग कर तथ्यों का आकलन करती वैचारिक कृति
रुद्रादित्य प्रकाशन से प्रकाशित सुपरिचित साहित्यकार वंदना गुप्ता जी का नया उपन्यास “विशोका” प्रथम द्रष्टया अपने नाम और कवर …
रुद्रादित्य प्रकाशन से प्रकाशित सुपरिचित साहित्यकार वंदना गुप्ता जी का नया उपन्यास “विशोका” प्रथम द्रष्टया अपने नाम और कवर …
वंदना गुप्ता जी कविता के क्षेत्र में जाना माना नाम हैं। “सरे बाजार कथा बाँचती स्त्रियाँ” से उन्होंने आलोचना …
जब बात प्रेम की होती है तो सबसे पहले राधा-कृष्ण का नाम स्मरण में आता है । एक ऐसा प्रेम …
किताब जो स्वयं को पढवाती है : जिस प्रकार लेखन की अपनी प्रक्रिया होती है उसी प्रकार पाठन की …
प्रेम जो किसी पत्थर हृदय को पानी में बदल सकता है, तपती रेत में फूल खिला सकता है, आसमान …
जो देश और काल को परिभाषित कर दे, उसकी समस्याओं, तकलीफों, बेचैनियों को शब्द दे दे, दुःख सुख, …