सूफी संत और कवि रूमी के 21 सर्वश्रेष्ठ विचार

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सूफी संत और कवि रूमी के 21 सर्वश्रेष्ठ विचार
जलालुद्दीन रूमी बहुत प्रसिद्द सूफी कवि थे | इनका जन्म 30 सितम्बर
1207 में हुए थे | उनके विचारों की गहराई इतनी थी कि एक–एक वाक्य जीवन दर्शन
को 
शीशे की तरह स्पष्ट कर देता था | लोग
उन्हें आध्यात्मिक गूरू मानते थे | रूमी के विचार बहुत ही आध्यात्मिक , रहस्यमय ,
ईश्वर के प्रति सच्चे प्रेम से ओत-प्रोत व् जीवन की गुत्थियों को खोलने वाले हैं
उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक व् लोकप्रिय हैं | 

संत रूमी के सुविचार /Rumi quotes in Hindi

कल मैं चालाक था , इसलिए दुनिया को बदलना चाहता था , आज मैं बुद्धिमान हूँ इसलिए खुद को बदल रहा हूँ |

मौत से पहले आप को जो मिला है उसे त्याग दें , जो दिया जा सकता है उसे दे दें |

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अपने शब्दों को ऊँचा उठाएं आवाज़ को नहीं , फूल बारिश से बढ़ते हैं गडगडाहट से नहीं |

आप रगड़ से चिढ़ रहे हैं तो आप को पोलिश कैसे किया जाएगा |

प्रेमी एक दूसरे से कहीं नहीं मिलते हैं वो हमेशा एक दूसरे में ही रहते हैं |

जहाँ बर्बादी है , वहां खजाने की आशा भी है |

हर इंसान किसी विशेष काम के लिए बनाया गया है , और उस काम को करने की इच्छा हर दिल में डाली हुई है |

जिस काम से आप प्यार करते हैं अगर वो आपका जीविका बने तो इसकी सुन्दरता बेमिसाल होगी |

अगर आप सच्चे इंसान हैं तो प्रेम के लिए सब कुछ दांव पर लगा दें , आधे दिल से कभी ऐश्वर्य तक नहीं पहुँचते हैं |

सूफी संत और कवि रूमी के 21 सर्वश्रेष्ठ विचार

जिस समय आप को लगे कि आप एक क्षण भी सहन नहीं कर सकते, कभी हार न माने क्योंकि यही वो पल है जब आपका अच्छा समय शुरू होने वाला है | 

केवल शब्द नहीं , शब्द तो एक बहाना हैं ये आन्तरिक भाव हैं जो एक व्यक्ति को दूसरे की ओर खींचते हैं |

आभार को लबादे की तरह पहने , ये आपके जीवन के हर हिस्से का पोषण करेगा |

आप सागर में एक बूँद नहीं , आप बूँद में पूरा महासागर हैं |

सूफी संत और कवि रूमी

पिघलते हुए बर्फ की तरह बनो , खुद को खुद से धोते रहो 

पृथ्वी पर घुटने टेकने और उसे चूमने के हज़ार तरीके हैं |

आप दुनियादारी से इतना मुग्ध क्यों हो , जबकि सोने की खान आप के भीतर मौजूद है |

आपका काम प्यार की तलाश करना नहीं , आप को खुद के अंदर निर्मित इसके खिलाफ उन बाधाओं को ढूंढना और उसे पार पाना है |

सूफी संत और कवि रूमी के सर्वश्रेष्ठ विचार

दूसरों के साथ क्या हुआ इन कहानियों से संतुष्ट मत हो जाओं , अपने भ्रम को खुद ही दूर करो | 



कल चला गया है , अब उसकी बातें ही रह गयी हैं , अब नए बीज उग रहे हैं |

जब कोई व्यक्ति गलीचे को पीटता है तो प्रहार गलीचे के खिलाफ नहीं धूल  के खिलाफ होता है |

जिसे आप ढूंढ रहे हैं वो आप को ढूंढ रहा है | 

अवसाद और उन्माद किसी की प्रशंसा या इनकार से जुड़ा होता हैं , ये आप खुद भी हो सकते हैं |

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सौन्दर्य हमारे चारों और होता है पर आम तौर पर इसे ढूँढने हम बगीचे की तरफ जाते हैं |

मौन ही ईश्वर की भाषा है , बाकी सब तो उसका एक बेकार सा अनुवाद है |

सूफी संत और कवि रूमी के 21 सर्वश्रेष्ठ विचार

जो शब्द दिल से निकलते हैं वो दिल में प्रवेश करते है 

जब दुनिया आपको आपके घुटनों  पर धकेल देती है तो यह उत्तम स्थिति बन जाती है प्रार्थना करने के लिए |

एक बार तुम्हारे भीतर का गुलाम गायब हो जाए तो तुम बादशाहों के बादशाह हो |

मैं पक्षियों की तरह गाना चाहता हूँ , मुझे इस बात की परवाह नहीं है कि कौन सुनता है और वे क्या सोंचते हैं |

शोक मत करो आप कुछ भी खोते हो , वो दूसरे रूपमें वापस आता है |

टीम ABC

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