काव्य जगत
टूटते तारे से मिन्नतें
कहते हैं टूटते तारे से जो मानगो वो मिल जाता है | इसलिए जब भी कोई टूटता तारा दिखता है …
कविता विकास जी की स्त्री विषयक कवितायें
यूँ तो स्त्री स्वयं में एक कविता है , जिसमें अनगिनत भावनाएं प्रवाहित होती रहती हैं | जो उसके दर्द …
योग दिवस पर 7 हायकू
योग के आसन शरीर मन और आत्मा को स्वस्थ रखते हैं और सुंदर शब्दों का योग मन को आनंदित कर …
योग- न हमारे राम और न तुम्हारे रहीम का है
योग एक ऐसे प्रक्रिया है जो तन के साथ मन को भी स्वस्थ करती है | इसके महत्व को समझते …
पूरक एक दूजे के
आज पितृ दिवस पर मैं अपने पिता को अलग से याद नहीं कर पाउँगी , क्योंकि माता -पिता वो जीवन …
चूड़ियाँ ईद कहती है
ईद का मुबारक मौका हो तो प्रियतमा अपने प्रिय की बाँट जोहती ही है और कहती है कि इस मौके …
पिता…..जुलाहा……रखवाला
पिता … इस शब्द से ही मन में गहरा प्रेम उमड़ता है | पिता एक आसमान है जो हर तकलीफ …
मकान जल जाता है
जल जाना यानि सब कुछ स्वाहा हो जाना खत्म हो जाना | क्या सिर्फ आग से मकान जलता है ? …
विश्व पर्यावरण दिवस
विकास के साथ हमने जिस चीज का सबसे ज्यादा विनाश किया वो है हमारा पर्यावरण | पर्यावरण हमारे जीने का …
वृक्ष की तटस्था
ईश्वर ने इंसान को भी बनाया और वृक्षों को भी | पर दोनों के स्वाभाव में कितना अंतर है | …
विश्व हास्य दिवस पर दो कवितायें
हँसी.. ख़ुशी का पर्याय है | हँसना वो तरंग है जिस पर जीवन उर्जा नृत्य करती है | फिर भी …
कच्ची नींद का ख्वाब
ख्वाबों की पूरी अपनी एक अलग ही दुनिया होती है | वो हकीकत की दुनिया से भले ही मेल न …
बुद्ध पूर्णिमा पर 17 हाइकु
हायकू काव्य की एक विधा है जो नौवी शताब्दी से प्रचलन में आई | ये बहुत ही गहन विधा है …
मैं माँ की गुडिया , दादी की परी नहीं…बस एक खबर थी
वो मेरा चौथा जन्मदिन था माँ ने खुद अपने हाथों से सी कर दी थी गुलाबी फ्रॉक खूब घेर वाली …
शुक्र मनाओ
शुक्र मनाओ शुक्र मनाओ कि आज तुम्हारी पूजा सफल हुई बेटी लौट आई है स्कूल से जहाँ टाफी -चॉकलेट का …