पिजड़े से आजादी
यूँही नही मिली एै दोस्त————– गुलाम भारत के पिजड़े की चिड़ियाँ को आजादी। यूँही नही इसके पर फड़फड़ाये खुले आकाश—– …
यूँही नही मिली एै दोस्त————– गुलाम भारत के पिजड़े की चिड़ियाँ को आजादी। यूँही नही इसके पर फड़फड़ाये खुले आकाश—– …
15 अगस्त पर एक खूबसूरत कविता —रंगनाथ द्विवेदी अपनो के ही हाथो——— सरसैंया पे पीड़ाओ के तीर से विंधा, भीष्म …
गोरखपुर के उन बह रहे तमाम आँसुओ को समर्पित एक पीड़ा——- चालीस बच्चो की मौत पे भी शिकन नही——- बड़ी …
रंगनाथ द्विवेदी औरतो की कट रही चोटी पे एक लेखकीय सहानुभूति कुछ औरतो के चोटी कटने की खबर सुन—— मेरी …
@@@रचयिता—-रंगनाथ दुबे। जज कालोनी,मियाँपुर जौनपुर। थाने पे——– एक गरीब की बिटिया, अपनी सलवार उतारे——— जगह-जगह हुये रेप के घाव दिखा …
रोऊँगा नही मै——————- आज मेरी महबूब के मेंहदी की रस्म है। भीच लुंगा होंठ को दाँतो से कुचलकर, एै खुदा …
रंगनाथ द्विवेदी हे!सखी पियरा जाई हमरे उमरियाँ क धान——- अगर सावन न आई। रहि-रहि के हुक उठे छतियाँ मे दुनौव, …
रंगनाथ द्विवेदी या खुदा————– उसके रोने से धुल जाये मेरी लाश इतनी, कि बदलियो को घिर-घिर के बरसने की जरुरत …
रंगनाथ द्विवेदी अनार से महंगा टमाटर खा रहा हूं। आ गये अच्छे दिन——— मै इलू-इलू गा रहा हूं, अनार से …
-रंगनाथ द्विवेदी। तेरी सरिया मे शराब नहीं लेकिन———– हम पीने वालो के लिये खराब नही लेकिन। हम बाँट लेते है …
रंगनाथ द्विवेदी अब पता नहीं 1962 के भारत और चीन के क्या हालात थे?,परिस्थितियाँ क्या थी?।उस समय के हमारे प्रधानमंत्री …
रंगनाथ द्विवेदी। लाख विरोध करे——— काग्रेंस,यस.पी.(SP),बी.यस.पी.(BSP), लेकिन इस देश के आखिरी शख्स़़ के—– हित मे है जी.यस.टी(GST)। आओ हम सपोर्ट …
-रंगनाथ द्विवेदी अब इस देश मे वे दिन नही जब हम अन्य विज्ञापनो की भांति ही ये विज्ञापन भी अपने …
फादर्स डे पर एक बेटी की अपने पापा की याद को समर्पित कविता। अपने पापा की गुड़िया दो चुटिया बांधे …
रचयिता—–रंगनाथ द्विवेदी मै उसके कान की बाली का राग झुमर सुन रहा हूं, कंगन,बिछुवे,चुड़ियां संगत कर रही, कोई घराना नही …
– रंगनाथ द्विवेदी। जज कालोनी,मियाँपुर जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)। जी हाँ! किसानो का पेट और सीना चाक करती वे पुलिसिया गोली,गुलाम हिन्दुस्तान की …
“अँधेरी रात मे——- वे शहर की स्ट्रिट लाइट से टेक लगा, अपना आधे से अधिक वक्षस्थल खोले, किसी ग्राहक को …
जहाँ एक तरफ माँ का प्यार अनमोल है वही हर संतान अपनी माँ के प्रति भावनाओं का समुद्र सीने में …