पिजड़े से आजादी

यूँही नही मिली एै दोस्त————– गुलाम भारत के पिजड़े की चिड़ियाँ को आजादी। यूँही नही इसके पर फड़फड़ाये खुले आकाश—– …

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पन्द्रह अगस्त

15 अगस्त पर एक खूबसूरत कविता —रंगनाथ द्विवेदी अपनो के ही हाथो——— सरसैंया पे पीड़ाओ के तीर से विंधा, भीष्म …

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रेप के घाव

@@@रचयिता—-रंगनाथ दुबे। जज कालोनी,मियाँपुर जौनपुर। थाने पे——– एक गरीब की बिटिया, अपनी सलवार उतारे——— जगह-जगह हुये रेप के घाव दिखा …

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शराब नही लेकिन

-रंगनाथ द्विवेदी। तेरी सरिया मे शराब नहीं लेकिन———– हम पीने वालो के लिये खराब नही लेकिन। हम बाँट लेते है …

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जी.यस.टी. GST

रंगनाथ द्विवेदी। लाख विरोध करे——— काग्रेंस,यस.पी.(SP),बी.यस.पी.(BSP), लेकिन इस देश के आखिरी शख्स़़ के—– हित मे है जी.यस.टी(GST)। आओ हम सपोर्ट …

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राग झुमर सुन रहा हूँ

रचयिता—–रंगनाथ द्विवेदी मै उसके कान की बाली का राग झुमर सुन रहा हूं, कंगन,बिछुवे,चुड़ियां संगत कर रही, कोई घराना नही …

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शिवराज सिंह चौहान यानी मंदसौर का जनरल डायर

– रंगनाथ द्विवेदी। जज कालोनी,मियाँपुर जौनपुर(उत्तर-प्रदेश)। जी हाँ! किसानो का पेट और सीना चाक करती वे पुलिसिया गोली,गुलाम हिन्दुस्तान की …

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दो स्तन

ये महज कविता नही वरन रोंगटे खड़े करता एक भयावह यथार्थ है। रंगनाथ द्विवेदी कुछ भिड़ झुरमुट की तरफ देख, …

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