प्रत्यंचा -समसामयिक विषयों की गहन पड़ताल करती रचनाएँ
कविता भावो की भाषा है वो जबरदस्ती नहीं लिखी जा सकती , उसे जब हृदय के कपाट खोल कर भावों …
कविता भावो की भाषा है वो जबरदस्ती नहीं लिखी जा सकती , उसे जब हृदय के कपाट खोल कर भावों …
अक्सर शारीरिक श्रम को मानसिक श्रम की तुलना में कमतर आँका जाता है पर क्या पेट भरा ना हो तो …
चुनाव का मौसम यानी फ्री का मौसम … हर राजनैतिक पार्टी कुछ ना कुछ फ्री देने की घोषणा करती है …
कहते हैं शक की दवा को हकीम लुकमान के पास भी नहीं थी | यूँ तो ये भी कहा जाता …
हर साल मंदिरों में नवरात्रों के दौरान भीड़ बहुत बढ़ जाती है | हर कोई माँ की उपासना करने में …
दोस्त यूँ ही नहीं बनते | दो लोगों के जुड़ने के बीच कुछ कारण होता है | ये कारण उस …
सपने ईश्वर द्वारा मानव को दिया हुआ वो वरदान है, जो उसमें जीने की उम्मीद जगाये रखते हैं | यहाँ …
मुझे मिला वो, मेरा नसीब है वही सुकून जहां वो करीब है मैं और क्या भला चाहूंगी जब प्यार से …
माँ बनना दुनिया के सबसे खूबसूरत अनुभवों में से एक है | किसी कली को अपने अंदर फूल के रूप में …
फोटो क्रेडिट -http://naqeebnews.com ये उन दिनों की बात है जब बाज़ार में तरह -तरह के शर्बत व्ग कोल्ड ड्रिंक नहीं …
जो लोग आप का उत्साह बढाते हैं | आपको आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते दिखते हैं | क्या वो …
सूती धोती उस पर तेल -हल्दी के दाग , माथे पर पसीना और मन में सबकी चिंता -फ़िक्र | माँ …
‘अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस’ स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों के योगदान को सम्मानित करने तथा उनसे संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के …
माँ का उसकी संतान से रिश्ता अद्भुत है |माँ हमेशा स्नेह प्रेम और दया की मूर्ति होती है | अगर …
कल एक बहुत ही खूबसूरत विचार पढ़ा … “यह हमारे ऊपर है कि हम पीढ़ी दर पीढ़ी चली …
फोटो -पंजाब केसरी से साभार फेसबुक पर एक माँ ने अपने बेटे को 60 % मार्क्स लाने पर बधाई दी …