विविध
भविष्य का पुरुष
एक शब्द है संस्कार … ये कहने को तो महज एक शब्द है पर इस पर किसी व्यक्ति का सारा …
होलिका दहन : अपराध नहीं , लोकतंत्र का उत्सव
फोटो क्रेडिट -भारती वर्मा बौड़ाई होलिका दहन कर को आजकल स्त्री विरोधी घोषित करने का प्रयास हो रहा है | …
गुझिया -अपनेपन की मिठास व् परंपरा का संगम
फोटो क्रेडिट –www.shutterstock.com रंगों के त्यौहार होली से रंगों के बाद जो चीज सबसे ज्यादा जुडी है , वो है …
मेरी दुल्हन
लाली -लाली डोलिया में लाली रे दुल्हनिया … नयी नयी दुल्हन का क्रेज ही कुछ ज्यादा होता है | सोचने …
ग्वालियर : एक यात्रा अपनेपन की तलाश में
जिस शहर में क़रीब 50 साल पहले नव वधु के रूप में आई थी उसी शहर में हम कुछ दिन पहले,परिवार ही नहीं …
सर्फ एक्सेल होली का विज्ञापन – एक पड़ताल
फोटो क्रेडिट -thelallantop.com सर्फ एक्सेल वर्षों से जो विज्ञापन बना रही है उसका मुख्य बिंदु रहता है “दाग अच्छे है …
चाँद पिता की लाडली
चाँद पिता की लाडली दोहों में लिखी कविता है | दोहे हिंदी साहित्य की एक लोकप्रिय विधा है |यह मात्रिक …
जब राहुल पर लेबल लगा
“यार अपने रंग का कुछ तो करो, थोड़ी फेयर एंड लवली ही लगा लिया करो , ये रंग तो तेरा …
सिनीवाली शर्मा रहौ कंत होशियार की समीक्षा
समकालीन कथाकाओं में सिनीवाली शर्मा किसी परिचय की मोहताज नहीं हैl ये बात वो अपनी हर कहानी में सिद्ध करती …
भूख का पता –मंजुला बिष्ट
आदमी की भूख भी बड़ी अजीब होती है रोज जग जाती है, और कई बार तो मनपसंद चीज सामने हो …
असली महिला दिवस
—————– दादी ने आँगन की धुप नहीं देखी और पोती को आँगन की धप्प देखने का अवसर ही नहीं मिलता …
महिला सशक्तिकरण : नव संदर्भ एवं चुनौतियां
आठ मार्च यानि महिला दिवस , एक दिन महिलाओं के नाम ….क्यों? शायद इसलिए कि बरसों से उन्हें हाशिये पर …