औकात

दफ्तर से लौटते समय सुरेश बाबू ने स्कूटर धीमी कर के देखा , हाँ  ! ये सोमेश जी ही थे …

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बोझ

इस बार कामिनी के मायके आने पर कोई स्वागत नहीं हुआ | भाभियों ने मामूली दुआ सलाम कर रसोई की …

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सेंध

यूँ तो मंदिर में पूरे नवरात्रों में श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है | पर अष्टमी , नवमी  को तो जैसे …

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जिस देश में औरत की ना को हाँ समझना सिखाया जाता हो वहां “पिंक ” रेड सिग्नल में कैसे बदलेगी ” सहगल बाबू “

पिंक फिल्म देकहते हुए जैसे मेरी समाधी लग गयी थी | एक एक दृश्य प्रभाव् में डूबते उतराते हुए फिल्म …

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विश्व कैंसर दिवस-ैंआवश्यकता है कैंसर के खिलाफ इस युद्ध में साथ खड़े होने की

आज विश्व कैंसर दिवस है | आज मेडिकल साइंस के इतने विकास के बाद भी कैंसर एक ऐसे बिमारी है …

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अस्तित्व

अम्बा … पर्वतों की छाँव पिथौरागढ़ में रहनेवाली है । उसकी पांच बेटियां व एक बेटा सुधीर है । बचपन …

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