दूर किसी अनागत में- काव्यात्मक भाषा में ठोस कहानियाँ
वंदना गुप्ता जी कविता के क्षेत्र में जाना माना नाम हैं। “सरे बाजार कथा बाँचती स्त्रियाँ” से उन्होंने आलोचना …
वंदना गुप्ता जी कविता के क्षेत्र में जाना माना नाम हैं। “सरे बाजार कथा बाँचती स्त्रियाँ” से उन्होंने आलोचना …
विदुषी साहित्यकार भावना शेखर जी का अपने नाम और कवर पेज से ही आकर्षित करता नया कहानी संग्रह “मोह-मोह के …
“अन्नदाता” शब्द किसानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। अन्न जिससे हम सब …
“विहान की आहट” वंदना बाजपायी जी की नवीनतम कृति है। विहान से तात्पर्य है भोर अथवा सुबह, कहीं कहीं शाब्दिक …
न्याय का तराजू हमेशा साम्य पर रहना चाहिए l इस साम्य में ही जीवन का, विकास का, संभावनाओं का …
समकालीन कथाकारों में अनिता रश्मि किसी परिचय की मोहताज़ नहीं है। हवा का झोंका थी वह अनिता रश्मि …
सीमा वशिष्ठ जौहरी जो कि वरिष्ठ साहित्यकार भगवतीचरण वर्मा की पोती हैं, ने अपने दादाजी भगवतीचरण वर्मा की स्मृति …
मीमांसा शब्द का शादिक अर्थ है किसी बात या विषय का ऐसा विवेचन जिसके द्वारा कोई निर्णय निकाला …
व्यक्ति अपने विचारों के सिवा कुछ नहीं है. वह जो सोचता है, वह बन जाता है. महात्मा गांधी इस वर्ष …
नारी की काया में प्रवेश कर कोई भी रचनाकार स्त्री की पीड़ा को उतनी साफगोई से व्यक्त नहीं कर …