पेशंन का हक

सरकार की पेंशन योजना बुजुर्गों के स्वाभिमान की रक्षा करती है | लेकिन क्या केवल योजना बना देने से बुजुर्गों …

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लेखिका

किसी भी काम को तुरंत सफलता नहीं मिलती ,  खासकर अगर वो कोई रचनात्मक काम है | लेखन ऐसा ही …

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मेकअप

हमारा व्यक्तित्व बाह्य और आंतरिक रूप दोनों से मिलकर बना होता है | परंतु लोगों की दृष्टि पहले बाह्य रूप …

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बेबसी

बुढ़ापा हमेशा से बेबस होता है , उसकी ये बेबसी उसकी संतान के लिए अपनी बात मनवाने का जरिया बन …

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चुप

यूँ तो चुप रह जाना आम बात है | ये चुप्पी हमेशा इसलिए नहीं होती कि कहने को कुछ नहीं …

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उल्टा दहेज़

हमारे समाज में विवाह में वर पक्ष द्वारा दहेज़ लेना एक ऐसी परंपरा है जो  लड़कियों को लड़कों से कमतर …

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फैसला

आज भारतीय नारी बदल चुकी है | आज वो , वो फैसला लेने की हिम्मत रखती है जिसे वर्षों पहले …

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तीन तल

युवा भविष्य के सपने देखते हैं बुजुर्ग अतीत की यादों में खोये रहते हैं और प्रोढ़ इन दोनों के लिए …

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जमीर

कहते हैं इंसान जब कोई गलत काम कर रहा होता है तो उसका जमीर उसे रोक देता है | फिर …

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बस एक बार

बेटा हो या बेटी, संतान के आने से घर -आँगन चहक उठता है | फिर भी बेटे सम्मानित विशिष्ट अतिथि …

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आत्मविश्वास

जीवन में खोना व् पाना तो लगा रहता है | जिसके अन्दर आत्मविश्वास होता है  उसे खोने का डर नहीं …

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बदलाव

रज्जो धीर गंभीर मुद्रा में बैठी थी , जबकि उसके  माथे पर चिंता की लकीरे थीं | अभी थोड़ी ही …

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पीली फराक

बाबू! इस जन्मदिन पर तो मेरे लिए पीले रंग की फराक लाओगे न? हाँ! हाँ! जरूर लाऊँगा। हरिया के दिमाग …

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