विशोका- समय को फलांग कर तथ्यों का आकलन करती वैचारिक कृति

vishoka

  रुद्रादित्य प्रकाशन से प्रकाशित सुपरिचित साहित्यकार वंदना गुप्ता जी का नया उपन्यास “विशोका” प्रथम द्रष्टया अपने नाम और कवर …

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दूर किसी अनागत में- काव्यात्मक भाषा में ठोस कहानियाँ

  वंदना गुप्ता जी कविता के क्षेत्र में जाना माना नाम हैं। “सरे बाजार कथा बाँचती स्त्रियाँ” से उन्होंने आलोचना …

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स्लीप मोड

वंदना गुप्ता

“आज कल मुझे कुछ याद नहीं रहता” कितनी बार हम खुद ये शब्द कहते हैं और कितनी बार अपनों के …

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