उषा अवस्थी
बलात्कार के खिलाफ हुँकार
हम उसी देश के वासी हैं जहाँ कभी कहा जाता था कि ,”यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता” आज उसी …
अग्नि – पथ
हम ऐसे समज में जीने के लिए अभिशप्त हैं जहाँ रिश्ते -नाते अपनत्व पीछे छूटते जा …
सावन की बुंदियां
सावन के आते ही अपनी धरती ख़ुशी से झूम उठती है , किसान अच्छी फसल की उम्मीद करने लगता है …
हिन्दी के पाणिनी आचार्य श्री किशोरीदास बाजपेयी : संस्मरण
आचार्य श्री किशोरीदास बाजपेयी को हिंदी भाषा का पाणिनि भी कहा जाता है | उन्होंने हिंदी को परिष्कृत रूप में …
जरा धीरे चलो
आज फुर्सत किसके पास है , हर कोई भाग रहा है …तेज , और तेज , लेकिन इस भागने में …
रिश्ते तो कपड़े हैं
टूटते और बनते रिश्तों के बीच आधुनिक समय में स्वार्थ प्रेम पर हावी हो गया , अब लोग रिश्तों को …
फूल गए कुम्हला
किसी का आगमन तो किसी का प्रस्थान ये जीवन का शाश्वत नियम है | प्रात : सुंदरी सूर्य की रश्मियों …
पुर्नस्थापन
तुलसी मात्र एक पौधा ही नहीं है वो हमारी संस्कृति और भावनाओं का प्रतीक भी है जिसका पुनर्स्थापन जरूरी है …
दो जून की रोटी
एक इंसान के जीने के लिए पहली आवश्यकता क्या है .. बस “दो जून रोटी ” उसका सारा संघर्ष इसी …
सखि , देखो तो , वसन्त आया
सखि , देखो तो , वसन्त आया नव द्रुम , नव पल्लव , नव सुगन्ध चहुँ दिशि मधु – उसव …
प्रकृति की अद्भुत छटा
कूजती है कोकिला अमराई मेंगूंजती भ्रमरावली मधुराई मेंचल रही सुरभित मृदुल शीतल पवनकर रहे कलरव मधुर पक्षी मगनइन्द्रधनुषी तितलियां इठला …
जल जीवन है
अखिल सृष्टि में जल जीवन है जीवन का सम्मान करो संरक्षित कर स्वच्छ सलिल को धरती में मुस्कान भरो जिस …