आत्मनिर्भरता- कितनी जरूरी

  अंग्रेजी में एक कहावत है- "God helps those,who help themselves"यानि, ईश्वर भी उसी की मदद करता है जो अपनी मदद खुद कर सकता है।...

ऐ, सुनो ! मैं तुम्हारी तरह

पितृसत्ता की लड़ाई स्त्री और पुरुष की लड़ाई नहीं है ,ये उस सोच की लड़ाई है जो स्त्री को पुरुष से कमतर मान कर...

ढोंगी

श्राद्ध पक्ष के दिन चल रहे हैं |हम सब अपने अपने हिसाब से अपने पित्रों के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहे है | लेकिन...

व्यष्टि से समष्टि की ओर

    ये दौर भी बीत जाएगा। परिवर्तन प्रकृति का मूल स्वभाव है। यहाँ कुछ भी स्थाई नहीं है । मनुष्य अपने आविष्कारों के दंभ में...

गुजरे हुए लम्हे (परिशिष्ट)-अध्याय 15

  आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

गुज़रे हुए लम्हे -अध्याय -14

  आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

गुज़रे हुए लम्हे -अध्याय 13

आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

गुज़रे हुए लम्हे -अध्याय 12

    आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

6 साल के बच्चे का अपने सैनिक पिता को फोन…..

आज हम जिस स्वतंत्रता का उत्सव मना  रहे हैं उसके पीछे ना जाने कितने लोगों का बलिदान है |आज भी जब हम घर में...

गुज़रे हुए लम्हे -अध्याय 11

  आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

छोटी सी उलझन

स्त्री विमर्श के इस दौर में एक मांग पुरुष विमर्श की भी उठने लगी है | ऐसा रातों -रात नहीं हुआ पर ये सच्चाई ...

कृष्ण यानि केंद्र

कृष्ण को  समझना इतना आसान नहीं हैं | सोइ जानइ जेहि देहु जनाई। जानत तुम्हहि तुम्हइ होइ जाई॥ कृष्ण का अर्थ है केंद्र ..  सेंटर ऑफ ग्रैविटेशन...

बोलती का नाम गाड़ी

इस कोरोनाकाल में लॉकडाउन से हम इंसान तो परेशान हैं   ही  हमारी गाड़ियां  भी खड़े खड़े उकता गईं हैं | उन्ही गाड़ियों  की व्यथा कथा...

गुज़रे हुए लम्हे -अध्याय -10

  आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

गुज़रे हुए लम्हे -अध्याय 9

आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

गुजरे हुए लम्हे -अध्याय-8

  आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

मैं जिंदा हूँ..

विज्ञान कहता है कि पेड़ -पौधे भी हमारी तरह सजीव होते हैं .. बढ़ते हैं, खिलते हैं और अपना वंश आगे बढ़ाते  हैं |...

गुज़रे हुए लम्हे -अध्याय 7

आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

गुज़रे हुए लम्हे -अध्याय 6

    आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...

गुज़रे हुए लम्हे – अध्याय -5

आत्मकथा लेखन में ईमानदारी की बहुत जरूरत होती है क्योंकि खुद के सत्य को उजागर करने के लिए साहस चाहिए साथ ही इसमें लेखक...