माँ मै दौडूंगा
माँ मै तुम्हारे लिए दौडूंगा जीवन भर आप मेरे लिए दौड़ती रही कभी माँ ने यह नहीं दिखाया कि मै थकी हूँ माँ ने …
माँ मै तुम्हारे लिए दौडूंगा जीवन भर आप मेरे लिए दौड़ती रही कभी माँ ने यह नहीं दिखाया कि मै थकी हूँ माँ ने …
बीनू भटनागर जी की कवितायें भावनाओं का सतत प्रवाह है | किसी नदी की भांति यह अपना आकार स्वयं गढ़ लेती हैं …
बदनाम औरतें मात्र एक कविता नहीं है | ये दर्द है उन औरतों का जो समाज की मुख्यधारा से कट …
वसंत यानी प्रेम का मौसम , पर हर कोई इतना भाग्यशाली नहीं होता कि उसे उसका प्यार मिल ही जाए …
मनीषा जैन की कवितायें आम बात कहती हुई भी खास हो जाती हैं क्योंकि वो हर संवेदना की गहराई तक …
डेज़ी नेहरा जी के काव्य संग्रह ” करवटें मौसम की ” जो की ” विश्वगाथा” प्रकाशन द्वारा प्रकाशित …
बता एै सिनेमा—————— आखिर तुम्हें हमारी इतिहास से, इतनी अदावत क्यू है? तेरे दामन मे———- जोधा-अकबर और पद्ममावत क्यू है? …
गाँव यानि अपनी मिटटी , अपनी संस्कृति और अपनी जडें , परन्तु विकास की आंधी इन गाँवों को लीलती जा …
सुबह होते ही———– कपाल भाति और अनुलोम-विलोम कर गई, हाय!राम——— मुझे पत्नी पतंजलि की मिल गई। एलोवेरा और आँवले के …
एक ज़माने में पतंगों का खेल बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय होता था , साथ ही लोकप्रिय होते थे गफुर …
उफ! मासूम जैनब ये जो रेप से जैनब मरी है, किसी वालिद की बिटिया, किसी की जीऩत,किसी की परी है——- …
शर्मिंदा हूं—————- सुनुंगा घंटो कल किसी गोष्ठी में, उनसे मै हिन्दी की पीड़ा, जो खुद अपने गाँव मे, शहर की …
कवितायें भावनाओं की वो अभिव्यक्ति हैं,जो जब खुद ही अपना आकार लेती हैं,तो पाठकों के मन को अवश्य छूती हैं …
अखिल सृष्टि में जल जीवन है जीवन का सम्मान करो संरक्षित कर स्वच्छ सलिल को धरती में मुस्कान भरो जिस …
यूँही पड़ी रहने दो कुछ दिन और कमरे मे— हमारे सुहागरात की बिस्तर और उसकी सिलवटे। मोगरे के अलसाये व …
तुम्हें अपने शब्दों में ढाल कर अपनी डायरी के पन्नों में छुपा तो लूँ… पर उन शब्दों में निहित भाव …
टेक्नोलोजी पर हालांकि पुरुषों का एकाधिकार नहीं है | पर एक सीधी – साधी घरेलू महिला जब नया मोबाइल लेती …