विशोका- समय को फलांग कर तथ्यों का आकलन करती वैचारिक कृति
रुद्रादित्य प्रकाशन से प्रकाशित सुपरिचित साहित्यकार वंदना गुप्ता जी का नया उपन्यास “विशोका” प्रथम द्रष्टया अपने नाम और कवर …
रुद्रादित्य प्रकाशन से प्रकाशित सुपरिचित साहित्यकार वंदना गुप्ता जी का नया उपन्यास “विशोका” प्रथम द्रष्टया अपने नाम और कवर …
विदुषी साहित्यकार भावना शेखर जी का अपने नाम और कवर पेज से ही आकर्षित करता नया कहानी संग्रह “मोह-मोह के …
“विहान की आहट” वंदना बाजपायी जी की नवीनतम कृति है। विहान से तात्पर्य है भोर अथवा सुबह, कहीं कहीं शाब्दिक …
किताब जो स्वयं को पढवाती है : जिस प्रकार लेखन की अपनी प्रक्रिया होती है उसी प्रकार पाठन की …
कविता क्या है? इस विषय पर विद्वान मनीषी आचार्य रामचंद्र शुक्ल कहते हैं कि, “जब कवि जगत के तमाम भौतिक …
न्याय का तराजू हमेशा साम्य पर रहना चाहिए l इस साम्य में ही जीवन का, विकास का, संभावनाओं का …
“हम सब का जीवन एक कहानी है पर हम पढ़ना दूसरे की चाहतें हैं” दुनिया की हर कहानी, जो …
राजा सुत थे विश्वरथ, सुंदर और समर्थ । धर्म सहित था भाग्य में, काम मोक्ष औ अर्थ॥ हमारी पौराणिक कथाओं …
ज़िंदगी की पगडंडी पर हमारे पाँवों में न जाने कितनी फाँसे चुभती हैं। कुछ लगातार गड़ती रहती हैं, कुछ की …
लंदन से प्रकाशित पुरवाई के संपादकीय कई मुद्दों पर सोचने को विवश कर देते हैं। ‘प्रवासी हिंसा और दंगे” ऐसा …
अंत हीन दुख, निराशा, पीड़ा अवसाद की ओर धकेलते हैं और अगर घनघोर निराशा की बीच आस की अंतिम किरण …
जो देश और काल को परिभाषित कर दे, उसकी समस्याओं, तकलीफों, बेचैनियों को शब्द दे दे, दुःख सुख, …
1857 का संग्राम याद आते ही लखनऊ यानी की अवध की बेगम हज़रत महल के योगदान को कौन भूल …
“मम्मी इस घर का एक रूल बना दीजिए कि चाहे जो भी हो जाए इस फॅमिली का कोई मेम्बर एक-दूसरे …
शंख समुद्र में पाए जाते हैं और शंख में भी में समंदर रहता है l लेकिन इस आध्यात्मिक बात को …
मीमांसा शब्द का शादिक अर्थ है किसी बात या विषय का ऐसा विवेचन जिसके द्वारा कोई निर्णय निकाला …
लिव इन जैसे सम्बंधों को भले ही कानूनी मान्यता मिली हो, मगर सामाजिक मान्यता नहीं मिली है।पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित …
“जिस तरह जड़ों से कटा वृक्ष बहुत ऊंचा नहीं उठ सकता|उसी तरह समृद्धिशाली भविष्य की दास्तानें अतीत को बिसरा …
क्या एक विचार जिंदगी बदल सकता है ? मेरे अनुसार “हाँ” वो एक विचार ही रहा होगा जिसने रेलवे स्टेशन …
एक स्त्री के द्वारा कभी ना लिखे गए संधिपत्रों का जब-जब खुलासा होगा तब पता चलेगा के घर -परिवार …