खोना भी एक क्रिया है-अनुभवों की पगडंडी पर मन की नब्ज पकड़ती कहानियाँ
उलझन में हूँ खो दूँ उसे कि पा लूँ करूँ क्या खोने पे वो कुछ और है पाया तो …
उलझन में हूँ खो दूँ उसे कि पा लूँ करूँ क्या खोने पे वो कुछ और है पाया तो …
राजपाल प्रकाशन से प्रकाशित आकांक्षा पारे का नये कहानी संग्रह “पिघली हुई लड़की” की कहानियाँ कहीं आम जनजीवन …
मॉल कल्चर के साथ सरपट दौड़ती दुनिया में बहुत कुछ हाशिये पर छूटने लगा है — हमारा लोक, …
जब बात प्रेम की होती है तो सबसे पहले राधा-कृष्ण का नाम स्मरण में आता है । एक ऐसा प्रेम …
“अन्नदाता” शब्द किसानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है। अन्न जिससे हम सब …
कविता क्या है? इस विषय पर विद्वान मनीषी आचार्य रामचंद्र शुक्ल कहते हैं कि, “जब कवि जगत के तमाम भौतिक …
“हम सब का जीवन एक कहानी है पर हम पढ़ना दूसरे की चाहतें हैं” दुनिया की हर कहानी, जो …
औरत हूँ मगर सूरत-ए-कोहसार खड़ी हूँ इक सच के तहफ़्फ़ुज़ के लिए सब से लड़ी हूँ वो मुझ से सितारों …
ज़िंदगी की पगडंडी पर हमारे पाँवों में न जाने कितनी फाँसे चुभती हैं। कुछ लगातार गड़ती रहती हैं, कुछ की …
प्रेम जो किसी पत्थर हृदय को पानी में बदल सकता है, तपती रेत में फूल खिला सकता है, आसमान …
जो देश और काल को परिभाषित कर दे, उसकी समस्याओं, तकलीफों, बेचैनियों को शब्द दे दे, दुःख सुख, …
समकालीन कथाकारों में अनिता रश्मि किसी परिचय की मोहताज़ नहीं है। हवा का झोंका थी वह अनिता रश्मि …
सीमा वशिष्ठ जौहरी जो कि वरिष्ठ साहित्यकार भगवतीचरण वर्मा की पोती हैं, ने अपने दादाजी भगवतीचरण वर्मा की स्मृति …
1857 का संग्राम याद आते ही लखनऊ यानी की अवध की बेगम हज़रत महल के योगदान को कौन भूल …
“मम्मी इस घर का एक रूल बना दीजिए कि चाहे जो भी हो जाए इस फॅमिली का कोई मेम्बर एक-दूसरे …
लिव इन जैसे सम्बंधों को भले ही कानूनी मान्यता मिली हो, मगर सामाजिक मान्यता नहीं मिली है।पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित …
“यात्राएँ एक ही समय में खो जाने और पा लेने का सबसे अच्छा तरीका हैं” कितनी खूबसूरत है ये …
कुछ दिनों पहले एक साझा संस्मरण संग्रह ‘दूसरी पारी’ मेरे हाथ आई थी। समयाभाव या अन्य कारणों से पढ़ने का …